बांदा। विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी कोर्ट गगन कुमार भारती ने दो दोषियों पहाड़पुर के देशराज लोध और लाल बाबू लोध को उम्रकैद की सजा सुनाई है। यह फैसला अनुसूचित जाति के एक युवक को अपमानित करने और चाकू से गोदकर हत्या करने का दोष सिद्ध होने पर सुनाया गया है। अदालत ने दोनों दोषियों पर 42-42 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड की अदायगी न करने पर उन्हें छह-छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। फैसले के बाद दोनों दोषियों को जेल भेज दिया गया।
वारदात 26 अक्तूबर 2004 को गिरवां थाना क्षेत्र के तरखरी गांव में हुई थी। गांव निवासी देशराज पुत्र शंभू ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी कि उनके चचेरे सगे भाई पप्पू और दयासागर पुत्र राम किशोर, गांव के राजाबाबू पुत्र मैयादीन के दरवाजे पर चल रही सीडी देख रहे थे। इस दौरान सुनील और कुछ अन्य पड़ोसी भी वहां मौजूद थे। शाम करीब 6:30 बजे ग्राम पहाड़पुर के देशराज लोध और लाल बाबू लोध भी वहां आ गए। उन्होंने पप्पू से राजाबाबू के बारे में पूछा। पप्पू ने जवाब दिया कि राजाबाबू यहां नहीं हैं। इसके बाद देशराज लोध और लाल बाबू ने पप्पू को जातिसूचक गालियां देकर अपमानित किया। इसी बीच देशराज लोध ने पप्पू पर चाकू से वार कर पेट फाड़ दिया। लाल बाबू ने भी कहा कि बचने न पाए। यह देख चचेरे भाई वादी (देशराज) ने ललकारते हुए देशराज लोध के हाथ से चाकू छीन लिया। इस बीच देशराज लोध और लाल बाबू लोध अपने घर की ओर भाग गए। पप्पू को घायल अवस्था में अस्पताल ले जाया गया जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
इस मामले में विवेचक ने नौ जनवरी 2005 को आरोप पत्र न्यायालय में पेश किया। अदालत ने दोनों के विरुद्ध सात सितंबर 2006 को आरोप तय किए। मामले की सुनवाई के दौरान साक्ष्यों के आधार पर न्यायाधीश ने अपने 19 पृष्ठों के फैसले में हत्या के दोषी पाते हुए देशराज लोध और लाल बाबू लोध को उम्रकैद व जुर्माने से दंडित किया।