संवाद न्यूज एजेंसी
चित्रकूट। विशेष न्यायाधीश विद्युत अधिनियम राममणि पाठक की अदालत ने विद्युत चोरी के दो अलग-अलग मामलों में आरोपी बबलू उर्फ ओमप्रकाश और संतकुमार पांडेय को जमानत दे दी।
27 अगस्त 2021 में विद्युत थाना चित्रकूट में अवर अभियंता शिव प्रसाद राही ने जांच की थी। जांच में बबलू उर्फ ओम प्रकाश के यहां बिना संयोजन के कटिया डालकर एक किलोवाट बिजली चोरी पकड़ी थी। आरोपी ने न्यायालय में आत्मसमर्पण कर जमानत अर्जी डाली थी। उसने शमन शुल्क व राजस्व निर्धारण जमा किया था। न्यायालय ने पाया कि अपराध शमनीय है तो प्रार्थना पत्र स्वीकार किया। वहीं नौ अप्रैल 2022 को एंटी थेफ्ट थाना क्षेत्र में संत कुमार को मीटर बाईपास कर विद्युत चोरी के आरोप में पकड़ा था। आरोपी ने न्यायालय में आत्मसमर्पण कर जमानत याचिका दायर करते हुए शमन शुल्क जमा करने की इच्छा भी जताई थी, लेकिन विभाग ने इसे स्वीकार नहीं किया। अदालत ने जमानत का आधार पर्याप्त माना।
निचली अदालत का फैसला रद्द
चित्रकूट। जनपद न्यायाधीश शेष मणि ने भूमि विवाद में निचली अदालत के निर्णय को रद्द कर दिया है। उन्होंने यह फैसला विमला मिश्रा की अपील पर सुनाया, जिन्हें पहले अवैध निर्माण हटाने का आदेश मिला।
जनपद न्यायाधीश ने सिविल जज, जूनियर डिवीजन, चित्रकूट के दो अप्रैल 2022 के निर्णय को निरस्त किया। यह मामला सूरजपाल ने विमला मिश्रा के खिलाफ दायर किया था, जिसमें 0.018 हेक्टेयर भूमि से अधिक पर अवैध निर्माण का आरोप था। विमला ने खरीदी गई भूमि पर ही निर्माण का दावा किया। अपीलीय अदालत ने पाया कि निचली अदालत ने सभी तथ्यों पर विचार किए बिना निर्णय दिया। मामले को वापस निचली अदालत भेजा गया है। (संवाद)