= 50 हजार रुपये के व्यक्तिगत बंधपत्र और समान धनराशि की जमानत पर रिहा करने का आदेश
चित्रकूट। सत्र न्यायाधीश शेषमणि ने मारपीट और गाली गलौज के मामले में दो आरोपियों को अग्रिम जमानत दे दी। न्यायालय ने 50 हजार रुपये के व्यक्तिगत बंधपत्र और समान धनराशि की जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया।
गांव सुहैल निवासी सुमित्रा देवी ने वर्ष 29 मई 2025 को मऊ थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। तहरीर के अनुसार जेठ राजेश कुमार, उनका बेटा अंकित और अन्य तीन अज्ञात व्यक्तियों ने उनके साथ लाठी-डंडों से मारपीट की, जिससे उन्हें और दो अन्य महिलाओं को चोटें आईं। इस मामले में सुनवाई के लिए आरोपियों के अधिवक्ता ने कोर्ट में अग्रिम जमानत के लिए अर्जी डाली थी। न्यायालय ने पाया कि चोटें साधारण प्रकृति की थीं और उनका कोई आपराधिक इतिहास नहीं है। ऐसे में सात वर्ष तक की सजा वाले अपराधों में जमानत दी जा सकती है। (संवाद)
मारपीट के मामले में दो को जमानत
चित्रकूट। सत्र न्यायाधीश शेषमणि ने मारपीट, गाली गलौज एवं धमकी देने के मामले में दो आरोपियों विनोद और भीमसेन को अग्रिम जमानत दे दी। न्यायालय ने विनोद और भीमसेन को 50 हजार रुपये के व्यक्तिगत बंधपत्र और समान राशि की एक जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया।
सिंहपुर निवासी मुकेश कुमार का 21 जुलाई 2025 को शाम 4 बजे जमीन बंटवारा के लिए विनोद, भीम और उनके पिता ननकू से विवाद हो गया था। कहासुनी बढ़ने पर विनोद, भीम और ननकू ने उसके साथ मारपीट कर दी थी। जिससे उसके सिर और शरीर पर चोटें आई थीं। वादी ने 24 जुलाई 2025 को रैपुरा थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इस मामले में आरोपियों के अधिवक्ता ने कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका डाली थी। सुनवाई में न्यायाधीश ने पक्ष व विपक्ष दोनों की दलीलें सुनीं। मुकेश की डॉक्टरी रिपोर्ट में सिर में चोट की पुष्टि हुई है। गवाह बुढ़िया ने अपने बयान में कहा कि मुकेश 21 जुलाई 2025 को शराब के नशे में अपने पिता से पैसे मांग रहा था। पैसे न मिलने पर उसने गाली-गलौज की, जिसके बाद भीम ने उसे धक्का दिया और वह गिर गया, जिससे उसे चोट लगी। न्यायालय ने पाया कि आरोपियों का कोई आपराधिक इतिहास नहीं है। सह-अभियुक्त की जमानत पहले ही स्वीकार हो चुकी है। आरोपित अपराध सात वर्ष तक के कारावास से दंडनीय है। (संवाद)