चित्रकूट। कोषागार में हुए 43.13 लाख रुपये के बहुचर्चित घोटाले में फंसे पेंशनरों और बिचौलियों की मुश्किलें कम नहीं हो रही हैं। आरोपी लगातार जमानत के लिए हाईकोर्ट के चक्कर काट रहे हैं लेकिन अब तक केवल दो पेंशनरों को ही राहत मिल पाई है। बृहस्पतिवार को दो अन्य पेंशनरों की जमानत याचिका पर सुनवाई होनी थी लेकिन नंबर न आने के कारण सुनवाई टल गई। अब अगले सप्ताह में इन याचिकाओं पर सुनवाई होने की उम्मीद है।
कोषागार घोटाले में कुल 93 पेंशनरों और चार कर्मचारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। विशेष जांच दल (एसआईटी) की विवेचना में करीब 15 बिचौलियों के नाम भी सामने आए हैं। इनमें से नौ बिचौलियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। वहीं, 25 पेंशनर भी इस मामले में जेल में बंद हैं। तभी से जेल में बंद आरोपियों के परिजन जमानत के लिए हाईकोर्ट में अर्जी लगा रहे हैं।
दो को मिली जमानत, अन्य को उम्मीद
हाईकोर्ट ने अब तक जोगवा उर्फ जुगुवा देवी और लक्ष्मी देवी नामक दो पेंशनरों को जमानत प्रदान की है। इसी आधार पर अन्य पेंशनर भी हाईकोर्ट में जमानत के लिए अर्जी लगा रहे हैं। बृहस्पतिवार को पेंशनर नवल किशोर और धनवती देवी की जमानत के लिए फाइल लगी थी लेकिन सुनवाई का नंबर न आने के कारण उनकी याचिका पर सुनवाई नहीं हो सकी। अब अगले सप्ताह में इन याचिकाओं पर सुनवाई होने की संभावना है, जिससे अन्य आरोपियों को भी उम्मीद जगी है।