चित्रकूट। जिले के कोषागार घोटाला के जेल में बंद बिचौलिए की सोमवार को सुनवाई के बाद सत्र न्यायाधीश शेषमणि ने जमानत अर्जी खारिज कर दी है। आरोपी ने पेंशनरों के खाते से आरटीजीएस व चेक से बैंक खाते में भुगतान कराया था। वहीं बिचौलिए के भाई के जमानत अर्जी पर 30 अप्रैल को सुनवाई होगी।
जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी श्याम सुंदर मिश्र ने बताया कि मऊ थाना क्षेत्र के लालता सड़क निवासी ओमप्रकाश सिंह ने अपने बेटे हिमांशु सिंह व प्रियांशु सिंह के साथ मिलकर कई पेंशनरों के खातों से रुपये निकाले हैं। एसआईटी को जांच में साक्ष्य मिले तो तीनों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। इनके अधिवक्ता ने जिला सत्र न्यायालय में जमानत अर्जी दाखिल की थी। इसमें हिमांशु सिंह की सुनवाई करते हुए जमानत अर्जी खारिज कर दी।
हिमांशु ने पेंशनर जवाहर लाल से चेक के जरिए दो लाख 84 हजार रुपये, पारिवारिक पेंशनर सुशीला देवी के खाते से 25 जून 2024 को आरटीजीएस के जरिए अपने बैंक खाते में दो लाख 97 हजार रुपये, दो जुलाई 2024 को आरटीजीएस से 316800 रुपये, 29 जुलाई को 357700 रुपये डाले हैं। इसी तरह पेंशनर जगत नारायण से 17 सितंबर 2022 को चेक के जरिए एक लाख 68 हजार रुपये लिया है। जिला शासकीय अधिवक्ता ने बताया कि हिमांशु सिंह ने भी अपने बयानों में खाते में पैसा लेना स्वीकार किया है।