चित्रकूट। कोषागार घोटाला मामले में जेल में बंद एक पेंशनर को तबीयत बिगड़ने के बाद जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हनुवा निवासी दयाराम त्रिपाठी के पैर में गंभीर समस्या होने के कारण उन्हें अस्पताल भेजा गया।
दयाराम त्रिपाठी वर्ष 2012 में सेवानिवृत्त हुए थे। उन पर बिचौलियों और कोषागार कर्मियों की मिलीभगत से खाते में 19,32,307 रुपये भेजने और फिर बंदरबांट करने का आरोप है। इस घोटाले का खुलासा होने के बाद उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। वह पिछले करीब साढ़े चार माह से जेल में बंद हैं। पेंशनर ने बताया कि जेल में उनके पैर में कई दिनों से समस्या हो रही थी। जेल के अस्पताल में इलाज के बावजूद उनकी हालत में कोई सुधार नहीं हुआ। इसके बाद जेल के डॉक्टरों ने उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया। अब उनका इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है।
जेल में बंद पेंशनर की जमानत हुई खारिज
चित्रकूट। जिले के कोषागार के 43.13 करोड़ के घोटाले के नामजद आरोपी पेंशनर अतर्रा निवासी अब चित्रकूट थाना क्षेत्र के कामतन निवासी संतोष कुमार मिश्रा जेल में बंद हैं। इनके खाते में 39,19,740 रुपये डाल कर निकाले गए हैं। एक बार पहले जमानत के लिए अर्जी डाली थी, लेकिन खारिज हो गई थी। अब दोबारा जमानत के अर्जी डाली थी, लेकिन सत्र न्यायाधीश ने अधिवक्ताओं की दलीलें सुनने के बाद अर्जी खारिज कर दी। (संवाद)
चार ने डाली जमानत अर्जी
चित्रकूट। कोषागार घोटाले के मामले में जेल में बंद खंडेहा निवासी जवाहरलाल के खाते में 46,60,204 रुपये, खटवारा निवासी राम शिरोमणि याज्ञिक के खाते में 90,28931 रुपये कोषागार कर्मियों ने भेजकर बिचौलियों के माध्यम से निकाली थी। इन दोनों पेंशनरों की पहले एक बार जमानत अर्जी खारिज हो चुकी है। इसी प्रकार नांदी निवासी जीवन लाल के खाते में 10,30,560 व राधेश्याम पांडेय के खाते में 3,63,475 रुपये भेजे गए थे। यह सभी रुपये पेंशनरों ने निकाल लिए थे। शनिवार को सभी पेंशनरों की जमानत के लिए अर्जी डाली गई है। इनकी सुनवाई नौ मार्च को होगी। (संवाद)