घनश्याम पांडेय
मानिकपुर(चित्रकूट)। मानिकपुर से सतना मार्ग पर छेरिया, जडेरा नाला, कारी बराह सहित कई अन्य स्थानों पर पुल व रपटा बहने से यातायात बंद है। दो राज्यों का संपर्क भी मानिकपुर क्षेत्र से कट चुका है। इससे 30 हजार से अधिक आबादी प्रभावित है।
मानिकपुर से छेरिया के पास काली देवी का पुल, किहुनिया रपटा, जडेरा नाला की पुलिया, कारी बराह का रपटा बाढ़ के तेज बहाव में वह गए हैं। साथ ही कई स्थानों पर सड़क कट गई है। जिससे सतना जाने व आने वाले वाहनों की रफ्तार थम गई है।
इसी के सज्ञथ सड़क ऊपर पानी आ जाने से धारकुंडी जाने वाला मार्ग भी पूरी तरह से बंद हो गया है। इसके अलावा धवाइया नाला बहने से रानीपुर, कल्याणगढ़, गिदुरहा, कटरा, कुबरी, मटिहा सहित अन्य गांवों का संपर्क कट चुका है।
बरदहा नदी के बाढ़ से चमरौंहा, पयासी पुरवा, मऊ गुरदरी, डभौरा जाने वाला मार्ग बंद है। वहीं जारो माफी जाने वाले मार्ग पर बनी पुलिया गह गई है। जिससे आवागमन बंद है। इसके अलावा पाठा क्षेत्र के पाठा क्षेत्र के गौतमपुर, रुखमा खुर्द, डाडी, नई दुनिया का भी संपर्क ठप हो गया है। साथ ही सपहा संपर्क मार्ग की सड़क बहने से आवागमन बंद है।
वहीं सड़क किनारे पड़े नमामि गंगे की पाइप लाइन भी बह गई है। इसी तरह इटवा डुड़ैला संपर्क मार्ग के रपटा पुल बह जाने से यातायात पूरी तरह से बंद कर दिया गया है। दो पहिया वाहन भी नहीं निकल पा रहे है। (संवाद)
डोडामाफी में 15 मकान ढहे, अनाज-भूसा बहा, परिवारों पर छत का संकट
मानिकपुर (चित्रकूट)। बारिश ने मानिकपुर तहसील के डोडामाफी गांव में तबाही मचा दी है। गांव में कच्चे-पक्के मिलाकर 15 मकान गिर गए, जबकि कई घरों में पानी भरने से अनाज और भूसा बर्बाद हो गया। मकान गिरने से कई परिवारों के सामने रहने का संकट खड़ा हो गया है।
डोडामाफी के मजरा मझटोलवा अहिरान में राजबहादुर का मकान गिर गया। घर में रखा गेहूं-चावल बर्बाद हो गया। इसी मजरे में बेटू, राजकुमारी, रविशंकर यादव, रामरतन और राममिलन के मकान भी ढह गए। घरों में पानी भरने से अनाज और भूसा सड़ गया।मंदिर टोला डोडामाफी में शिवकली का मकान गिरा। वह हादसे में बाल-बाल बच गई, लेकिन मकान और अनाज पूरी तरह नष्ट हो गया।
खास गांव डोडा में संतोष, मैयादीन, रामनिरंजन, कृष्ण कुमार और रानू पत्नी कल्याण विश्वकर्मा के घरों में पानी भरने से भारी नुकसान हुआ। बड़ाकोलन में भी कई घर बारिश में गिर गए। बांध टूटने की सूचना पर एसडीएम विपिन कुमार द्विवेदी ने मौके का जायजा लिया और एक्सईएन, कानूनगो व लेखपाल को मौके पर मौजूद रहने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने शनिवार से ही गांव में रुककर स्थिति पर नजर रखी। रविवार को लेखपाल ने गांव पहुंचकर बारिश और जलभराव से हुए नुकसान का आकलन किया।