राजापुर (चित्रकूट)। मंदाकिनी नदी में बाढ़ से अर्की गांव के पास बने रपटे में पानी भर जाने से 10 से अधिक गांवों का आपसी संपर्क टूट गया है। ग्रामीणों का आना-जाना बंद हो गया है और नदी किनारे लगी फसलें खराब हो गई हैं।
मंदाकिनी नदी धर्मनगरी से होते हुए राजापुर क्षेत्र से गुजरकर यमुना में मिलती है। शनिवार को आई बाढ़ से अर्की रपटा डूब गया, जिससे अतरौली, देवारी, हस्ता, नैनी, बिहरवा, चांदी, धौरहा, धुमाई, खोपा, सुरवल का संपर्क टूट गया। सुरक्षा के लिए रपटे पर बैरिकेडिंग लगाकर पुलिस ने रास्ता बंद कर दिया है।
एसडीएम पूजा गुप्ता ने बताया कि पनौटी गांव के निचले इलाकों में पानी भरने से 18 लोगों को, चौरा गांव से एक और ब्योहरा गांव से पांच लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। पनौटी-लोहदा मार्ग, बरुआ गांव के शिवलहा पुरवा और कैरा मार्ग पर पानी भरने से आवागमन बाधित है। डीएम पुलकित गर्ग और एसपी अरुण कुमार सिंह ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया।
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बाढ़ से अरछा-बरेठी गांव घिरा, पहाड़ी-सुरसेन मार्ग बंद
पहाड़ी (चित्रकूट)। विकासखंड के ग्राम अरछा बरेठी में मंदाकिनी की बाढ़ से पूरा गांव पानी से घिर गया है। वहीं मकरा गांव में भी पानी घुस गया है। पहाड़ी-सुरसेन मार्ग पूरी तरह बाधित हो गया है, जिससे आवागमन ठप है।
अरछा बरेठी के केवटन पुरवा की पूरी बस्ती बाढ़ के पानी से घिरी हुई है। हालात बिगड़ने पर लोग घर छोड़कर पलायन करने को मजबूर हैं।ग्रामीणों का आरोप है कि गांव चारों तरफ से पानी से घिरने के बावजूद प्रशासन की ओर से अभी तक कोई राहत एवं बचाव कार्य शुरू नहीं किया गया है।
वहीं मकरी पहरा में बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए ग्राम पंचायत सचिवालय में भोजन की व्यवस्था की गई है। सचिवालय में भोजन तैयार कर पीड़ितों को उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके साथ ही ग्राम पंचायत भंभौर में भी बाढ़ प्रभावितों को राहत एवं खाद्य सामग्री का वितरित की गई। (संवाद)