चित्रकूट। रैपुरा कस्बे की 10 साल की शालिनी शायद यह नहीं समझ सकी कि बच्चों की गलतियां माफ की जाती हैं। महज आधा किलो चावल चुराकर 10 रुपये में बेचने पर, बड़े भाई से डांट की धमकी मिली तो उसका मासूम दिल टूट गया। डर इतना गहरा बैठा कि उस छोटी सी बच्ची ने खुद ही अपने जीवन का अंत कर लिया। मां की साड़ी से फंदा बनाकर छज्जे के छल्ले से लटक गई।
यह दर्दनाक घटना रैपुरा थाना क्षेत्र के कस्बे की है। मजदूरी कर परिवार पालने वाले राजकुमार की बेटी शालिनी (10) कक्षा पांच की छात्रा थी। बुधवार शाम को जब पिता मजदूरी करने गए थे और मां खेत गई थी। तभी शालिनी ने घर में एक डिब्बे में रखे करीब आधा किलो चावल निकाले और गांव की दुकान पर सिर्फ 10 रुपये में बेच दिए।
उसे यह करते हुए बड़े भाई विपिन ने देख लिया। विपिन ने शालिनी से कहा, वह यह बात माता-पिता को बताएगा। इसी डर में डूबी बच्ची घबरा गई। डर इतना गहरा था कि उसने सोच लिया कि अब डांट से बचना मुश्किल है।
कमरे में जाकर उसने मां की साड़ी से फंदा बनाया और सीढ़ी पर चढ़कर छज्जे के छल्ले में बांधकर खुद को लटका लिया। कुछ देर बाद छोटा भाई प्रियांश कमरे में गया तो बहन को फंदे से लटका देख चीख पड़ा। ग्रामीण दौड़े, बच्ची को नीचे उतारा गया। पुलिस और परिजनों को सूचना दी गई।
उधर, परिजनों ने बताया कि शालिनी दो भाइयों की इकलौती बहन थी। हमेशा हंसने-मुस्कुराने वाली बच्ची इस हद तक डर जाएगी, किसी ने सोचा भी नहीं था।
थाना प्रभारी विनोद कुमार शुक्ला ने बताया कि पूछताछ में पता चला है कि बच्ची ने घर से करीब आधा किलो चावल चुराकर 10 रुपये में बेचे थे। भाई ने चोरी करते देख लिया था और उसने माता-पिता से डांट लगवाने की धमकी दी थी। इस पर बच्ची ने कमरे में रखी सीढ़ी की मदद से छत के छल्ले में साड़ी का फंदा बनाकर आत्महत्या कर ली। शव का पोस्टमार्टम कराया गया है।
दुकानदार से भी होगी पूछताछ
थाना प्रभारी विनोद कुमार शुक्ला ने बताया कि चावल बेचने के बाद बच्ची ने 10 रुपये का क्या किया। यह अभी तक स्पष्ट नहीं हो सका है। इस मामले में संबंधित दुकानदार से भी पूछताछ की जाएगी। ताकि पता चल सके कि बच्ची को क्या पसंद था और उसने किस खाद्य सामग्री के लिए ऐसा कदम उठाया।