चित्रकूट। जिले में मीजल्स रूबेला (खसरा से बचाव) वैक्सीन की दोनों खुराक के टीकाकरण का लक्ष्य पाने के लिए बुधवार से टीका उत्सव का आयोजन शुरू हुए। इसके जरिए दिसंबर माह के अंत तक 95 फीसद लक्ष्य हासिल करना है।
जिले में छोटे बच्चों में तीन चार साल तक जो टीकाकरण होता है, उसे परिजन लगवाते हैं, लेकिन इसके बाद मीजल्स रूबेला (खसरा से बचाव) वैक्सीन की दोनों खुराक लगवाने में लापरवाही बरतते हैं। यही वजह है विभाग टीकाकरण का लक्ष्य पाने से दूर हैं।
जिले में ही जनवरी माह से अक्तूबर माह तक 312 ऐसे बच्चे चिह्नित हुए, जिन्हें यह वैक्सीन नहीं दी गई है। इसके आगे का सर्वे अभी जारी है। ऐसे में प्रत्येक बुधवार व शनिवार को शासन ने टीकाकरण सत्रों को टीका उत्सव मनाने का निर्णय लिया। आदेश पर जिले के सभी टीकाकरण केंद्र व जिला अस्पताल में मीजल्स रूबेला वैक्सीन देने का अभियान शुरू किया।
बुधवार को जिले में कुल 50 बच्चों को यह दवा दी गई। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. एचसी अग्रवाल बताते हैं कि बच्चों को यह टीका भी लगवाने में लापरवाही नहीं करनी चाहिए। इससे नुकसान नहीं है। शुरु में एक दो दिन बुखार आने की संभावना रहती है लेकिन दवा से यह ठीक हो जाता है। इसके लिए सभी केंद्र में पैरासिटामॉल सिरप की उपलब्धता करा दी गई।
सीएमओ डॉ. भूपेश द्विवेदी ने बताया कि टीका उत्सव में आशाओं, एएनएम व आगंनबाडी कार्यकर्ताओं के माध्यम से टीकाकरण से वंचित सभी 0-5 वर्ष तक के बच्चों को टीके लगाए जाएंगे। जिससे कि दिसंबर माह के अंत तक टीकाकरण उपलब्धि 95 फीसद तक प्राप्त हो सके।
बच्चों को 12 बीमारी से बचाएं
चित्रकूट। बच्चों के शतप्रतिशत टीकाकरण पूर्ण कराने के लिए सहयोगी संस्थाओ डब्ल्यूएचओ, यूनीसेफ, यूएनडीपी व जेएसआई के जिला प्रतिनिधियों से पूर्ण सहयोग लिया जा रहा है। बच्चों को जन्म के समय एक वर्ष के भीतर व पांच वर्ष आयु की सभी वैक्सीन की बूस्टर खुराक दिलाए जाने का काम करें ताकि बच्चों को काली खांसी, गलाघोटू, निमोनिया, पोलियो, हेपेटाइटिस, टीवी, जेई, टिटेनस, मीजल्स रूबेला, दस्त सहित कुल 12 गंभीर बीमारियों से बचाया जा सके। (संवाद)