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चित्रकूट के जंगलों में बाघों ने बनाया स्थायी निवास,सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं

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चित्रकूट। जिले के मानिकपुर क्षेत्र के रानीपुर वन्य विहार के यूपी व एमपी क्षेत्र में कई दिनों से बाघों का स्थाई निवास बन लिया है। दोनों राज्यों से बाघों की सुरक्षा के लिए खास इंतजाम नहीं होने से अभी तक चार से अधिक तेंदुए मारे जा चुके हैं। जिसके बाद वन विभाग ने कई जंगलों में दो दर्जन से अधिक कैमरे लगा दिए हैं। सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुख्ता इंतजाम न होने के कारण इस समय जंगल में घूम रहे बाघ व बाघिन के लिए खतरा बना हुआ है। पाठा क्षेत्र में इन दिनों शिकारी घूम रहे हैं।
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जिले के मानिकपुर क्षेत्र के रानीपुर वन्य जीव विहार सहित सीमा से लगे एमपी क्षेत्र के धारकुंडी, मझगवां क्षेत्र में इन दिनों बाघ व तेंदुओं ने स्थायी अड्डा बना लिया है। अभी तक चार से अधिक तेंदुओं की मौत हो गई है। जंगल में इन दिनों शिकारी सक्रिय हैं। जिसमें मारकुंडी क्षेत्र में तीन शिकारी पकडे़ गए हैं। कहा जा रहा है इन दिनों जंगल में बाघ व बाधिन घूम रहे है। जिसके शिकार के फिराक में शिकारी ले हुए हैं। वन विभाग के प्रभागीय अधिकारी कैलाश प्रकाश ने बताया कि बाघ व तेंदुओं की सुरक्षा के लिए पर्याप्त इंतजाम किए गए हैं। सुरक्षा के लिए सर्चिंग की जा रही हैं।
आबादी बढ़ने से जंगल हो रहे खत्म
चित्रकूट। जिले के जंगलों में बसी बस्ती की आबादी बढ़ने से जंगल खत्म हो रहा है। प्रॉपर्टी के खेल में लोग वन भूमि पर अतिक्रमण कर रहे हैं। विशेषज्ञों की माने तो जंगल व आबादी के बीच बफर जोन कम से कम 200-250 मीटर का होता था। अब वह बचा नहीं हैं। जंगल व आबादी करीब करीब आ गए हैं। यही कारण है जंगली जानवर कई बार बस्ती में घुस जाते हैं। जंगलों के बीच खेत होने से यहां के निवासी खेतों में जाने के लिए भी डरते रहते हैं।
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शिकारियों की धमाचौकड़ी जारी
चित्रकूट। एमपी-यूपी की सीमा मेें शिकारियों की धमा चौकड़ी लगातार जारी है। इसके बावजूद यूपी व एमपी के वन अधिकारी सक्रिय नहीं हैं। वही वन्य प्राणी विशेषज्ञ बता रहे हैं कि बाघ व तेंदुए को रानीपुर वन्य विहार सहित पाठा के जंगल रास आ रहे हैं। जीव जंतु का रूकने का सुरक्षित स्थान हैं। इस लिए मझगवां व चित्रकूट के जंगलोें में इस समय बाघ विचरण कर रहे हैं।
गढ़चपा, मानिपकपुर, नीवी व मारकुंडी में मारे गए तेंदुए
चित्रकूट। अभी तक चार से अधिक तेंदुए मार गए है। जिसमें चित्रकूट जिले के गढ़चपा, मानिपकपुर के नीवी,व मारकुंडी क्षेत्र में तेंदुए मारे गए हैं। इसी तरह से एमपी क्षेत्र में भी तेंदुए मार गए हैं। इस मामले मेें शिकारी भी जेल भेज जा चकु हैं। पांच जनवरी को रेल ट्रैक में मिले तेंअए के शव की जांच की जा रही हैं।
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