चित्रकूट। जिले की सीमा से सटे मझगवां क्षेत्र के आसपास घूम रहे बाघ से एमपी सहित यूपी क्षेत्र के गांवों में दहशत है। जंगल से लगे खेतों में किसान कटाई करने के लिए नहीं जा रहे हैं। गुरुवार को मझगवा के सरभंग आश्रम के घर में बंधे बछडे़ को बाघ ने शिकार किया था। बछड़े के बचे शव का शुक्रवार को पशु विभाग ने पोस्टमार्टम किया है।
जिले के रानीपुर वन्य जीव विहार सहित मप्र के सरभंग आश्रम व अन्य क्षेत्र के जंगलों में तीन महीने से एक बाघ विचरण कर रहा है। यह बाघ रेलवे लाइन की पटरियों पर भी पहुंच जाता है। इसको लेकर दहशत गांवों में बनी रहती है। वन विभाग की टीम भी बाघ को बचाने के लिए सर्चिंग अभिायान चला रही है। गुरुवार को बाघ ने मारकुंडी थाना क्षेत्र से सटे पिंडरा मझगवा अंतर्गत सरभंग आश्रम के पास पिपरीटोला निवासी एक ग्रामीण् के घर घुसकर बरामदे में बंधे बछडे़ का शिकार किया था।
जानकारी होेने पर वन विभाग के मझगवा वन क्षेत्र के एसडीओ राजमणि वनकर्मियों और थाना पुलिस के साथ पहुंचे। मौके पर मिले बछडे़ के बचे शव को पोस्टमार्टम के लिए पशु विभाग भेजा था। इसका पोस्टमार्टम किया गया। गांवों के अंदर बाघ के घुसने से अब ग्रामीणों में खासी दहशत है। शम होते ही ग्रामीण घर के अंदर घुस जाते हैं। जंगलों के आसपास स्थित खेतों में कटाई के लिए नहीं जाते। पिड़रा गांव के पिपरीटोला निवासी गांव के ग्रामीण अमर नाथ, सुनील सिंह ने बताया कि गांव के आसपास आए दिन बाघ देखा जाता है। अब तो गांव के बस्ती में घुसने लगा है। इससे घर से निकलने में डर लगता है।