संवाद न्यूज एजेंसी
चित्रकूट। अनुसूचित जाति की विवाहिता के साथ छेड़खानी करने और धमकाने के मामले में न्यायालय ने दोषी को तीन वर्ष सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही पांच हजार रुपये के अर्थदंड भी लगाया है।
मुकदमा दर्ज कराने वाली पीडि़ता के अनुसार वह 10 मार्च 2016 की शाम अपने घर के बाहर बंधे बकरों को अंदर लाने गई थी। इस दौरान वहां पहाड़ी थाना क्षेत्र के खरसेड़ा गांव का निवासी रमाकांत प्रजापति ने उसे बुरी नीयत से पकड़ लिया और उसका गला दबाने लगा। इस दौरान रमाकांत ने कहा कि उसका पति उसे नहीं चाहता है और वह उसके साथ चले। बात न मानने पर जान से मारने की धमकी भी दी। जब उसने आरोपी की बात मानने पर सहमति जताई, तो उसे छोड़कर चला गया।
इसके बाद 29 मार्च 2016 की शाम नदी किनारे मिले रमाकांत ने पीड़िता को फिर साथ चलने के लिए कहा। कहा कि उसका कहना न मानने पर कुल्हाड़ी से काटकर जान ले लेगा। पीड़िता ने इस मामले में पहले थाने में शिकायत की, लेकिन रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई। इसके बाद न्यायालय द्वारा प्रार्थना पत्र स्वीकृत करते हुए इस मामले में रिपोर्ट दर्ज करने और विवेचना करने के आदेश दिए गए।
जिसके बाद पुलिस ने मामले की रिपोर्ट दर्ज कर न्यायालय में आरोपी के विरुद्ध आरोप पत्र दाखिल किया। बचाव और अभियोजन पक्ष के अधिवक्ताओं की दलीलें सुनने के बाद विशेष न्यायाधीश (एचजेएस) राममणि पाठक ने शनिवार को दोषी रमाकांत प्रजापति को तीन वर्ष सश्रम कारावास की सजा सुनाई।