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बिजली गिरने से दो किसानों समेत तीन की मौत

Mon, 13 Apr 2015 11:10 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला चित्रकूट।
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ओलावृष्टि और बारिश से फसल बर्बाद होने का गम झेल रहे किसानों पर सोमवार को प्रकृति ने एक बार फिर कहर बरपाया। कई जगहों पर तेज आंधी, पानी और ओलावृष्टि होने से खेत में पड़ा गेहूं का लाक बह चला और खड़ी फसलें गिर पड़ीं। मऊ और राजापुर में बिजली गिरने से खेत में फसल काट रहे दो किसानों की मौत हो गई, जबकि राजापुर में गुरगौला पुल के पास खड़े वृद्ध ने भी दम तोड़ दिया।
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सोमवार को पूरे दिन आसमान में बादल छाए रहे। शाम होते-होते मुख्यालय में कुछ स्थानों पर बूंदाबांदी होने लगी। वहीं राजापुर और मऊ में करीब तीन घंटे की तेज बारिश के साथ ओले भी गिरे। मऊ प्रतिनिधि के अनुसार शाम पांच बजे तेज बारिश हुई। इस दौरान सखौंहा गांव में आशाराम (42) उर्फ जंगलिया खेत में गेहूं काट रहा था। बिजली गिरने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

उधर, राजापुर प्रतिनिधि के मुताबिक, अर्की गांव में बुद्धिमान (48) पत्नी कलावती और भाई के साथ खेत में गेहूं काट रहा था। अचानक उस पर बिजली गिरी और मौके पर ही उसने दम तोड़ दिया। एसडीएम अभयराज ने अर्की गांव पहुंचकर मृतक के परिवार को ढांढस बंधाया और दैवीय आपदा के तहत चार लाख रुपये दिलाने का आश्वासन दिया। वहीं राजापुर में गुरगौला पुल के पास खड़े मुत्तू यादव (70) निवासी बिहरवां की भी बिजली गिरने से मौत हो गई।
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मऊ के किसान रामबाबू, अवधेश द्विवेदी, कामता प्रसाद, हनुमान प्रसाद पांडे, साधु गर्ग आदि ने बताया कि तेज बारिश ने अरहर, चना और गेहूं की बची खुची फसल भी बर्बाद कर दी। अब इसके सड़ने की आशंका है, ये चारा-भूसा लायक भी नहीं बचेगी। गेहूं पहले से पतला था, अब काला पड़ जाएगा।

बेराउर में तेज बारिश के साथ हुई ओलावृष्टि ने किसानों की बची खुची उम्मीदों को भी नष्ट कर दिया। नन्हू पाल, सुम्मा निषाद, देवीदयाल निषाद, सुंदर केवट ने बताया कि खेत में खड़ी गेहूं की बची फसल भी चौपट हो गई है। महुआगांव के लालबहादुर, शिवचरण कुसेली, सत्यदेव तिवारी उद्घटा, रायपुर निवासी हीरालाल आदि ने बताया कि उनके खलिहानों और खेतों में गेहूं के लाक तेज पानी में बह गए।
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