चित्रकूट। महाकुंभ से धर्मनगरी में आने वाले भक्तों की संख्या लगातार बढ़ रही है। मंगलवार शाम तक यहां तीन लाख से अधिक श्रद्धालु आ चुके हैं। हर घंटे 1500 वाहन आ रहे हैं। आलम यह है कि झांसी-मिर्जापुर हाईवे पर 20 घंटे से रुक-रुककर जाम बना हुआ है। जिला प्रशासन की मानें तो छह लाख से ज्यादा श्रद्धालु मंदाकिनी में डुबकी लगाएंगे। हाईवे पर लगातार लग रहे जाम को खुलवाने के लिए धर्मनगरी में मंडलायुक्त अजीत कुमार ने डेरा जमा दिया है। मेला क्षेत्र का भ्रमण कर व्यवस्था की जानकारी ली।
आज बुधवार को छह से आठ लाख श्रद्धालुओं के मंदाकिनी में स्नान कर पूजन करने की उम्मीद है। प्रति घंटे 1500 वाहनों का जिले से आवगमन हो रहा है। 24 घंटे में 38 हजार वाहनों का काफिला लगातार चल रहा है। जिसमें देश के कई प्रदेशों के साथ ही विदेशी भी शामिल है। शिवरात्रि को लेकर धर्मनगरी चित्रकूट में मंगलवार को तीन लाख से अधिक श्रद्धालु एकत्र हो चुके हैं। इससे जिला प्रशासन सतर्क है।
महाकुंभ व महाशिवरात्रि पर्व को लेकर कई ट्रेनें रद्द होने से श्रद्धालुओं का दबाव स्टेशन पर ज्यादा हो गया है। बसें व अन्य साधन से भी श्रद्धालु गांव या प्रयागराज जा रहे हैं। वाहनों के आने-जाने से दिन हो रात जाम की समस्या खत्म नहीं हो रही है। ट्रेनों के लेटलतीफी से यात्री और परेशान हो रहे हैं। ट्रेन के आते ही यात्री पहले चढ़ने के लिए भागने लगते हैं। जिससे मारामारी मच जाती है।
धर्मनगरी में प्रदेश के साथ मध्य प्रदेश, राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र सहित अन्य राज्यों से श्रद्धालु आ रहे हैं। भरतकूप से लेकर शिवरामपुर, बेड़ी पुलिया, मंदाकिनी नदी के पुल, पुरानी कोतवाली, बस स्टैंड, धनुष चौराहा, पटेल चौक, मऊ, बरगढ़ में रात दिन जाम लग जाता है। शहर के अंदर तो सुबह तीन चार घंटे छोड़ दें तो लगभग 20 घंटा जाम लगा रहता है। जिससे श्रद्धालु वाहन में बैठे बैठे परेशान हो जाते हैं। पटेल चौक से बेड़ी पुलिया तक पहुंचने में तीन से चार घंटा का समय लगता है।
जाम में फंसने की वजह से यात्री कुछ खाने पीने का सामान भी नहीं खरीद पाते हैं। भूखे व प्यासे ही कार, बस में बैठे रहते हैं। वहीं दुकानों के सामने वाहन खड़े होने से सड़क पर कम जगह रहती है। प्रशासन के अधिकारियों की माने तो 24 घंटे में 38 हजार वाहन धर्मनगरी में दाखिल हुए हैं।
राजस्थान के राजू ने बताया कि कार से प्रयागराज व धर्मनगरी आए हैं। यहां का जाम देखकर परेशान हैं। बेड़ी पुलिया से कर्वी शहर पार करने में तीन घंटा से अधिक का समय लगा है। एक मिनट के लिए भी कार से नहीं उतर पाए हैं।
महाराष्ट्र के मनोज तावड़े ने बताया कि मंदाकिनी नदी पुल से निकलने में ही करीब दो घंटे का समय लगा है। कर्वी से निकलने में चार घंटा लग गया। इस दौरान कार से उतरकर पानी तक नहीं खरीद पाए। कालूपुर में पानी की बोतल खरीदकर प्यास बुझाई।
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कुंभ मेला सहित कई ट्रेनें देर से पहुंचीं
नैनी से झांसी कुंभ मेला स्पेशल 23 घंटा 30 मिनट देरी से चित्रकूट धाम कर्वी रेलवे स्टेशन पहुंचीं। यात्रियों को समय से अपने स्थान नहीं पहुंच पाए। इसी तरह ग्वालियर से वाराणसी जाने वाली बुंदेलखंड एक्सप्रेस 13 घंटा 40 मिनट, दादर से बलिया स्पेशल चार घंटा 21 मिनट, प्रयागराज महाकुंभ मेला स्पेशल एक घंटा 12 मिनट, महाकौशल एक्सप्रेस चार घंटा 50 मिनट लेट रही। वहीं वाराणसी से ग्वालियर बुंदेलखंड एक्सप्रेस 10 घंटा, रिंग रेल एक घंटा 26 मिनट सहित ट्रेनें देरी से पहुंचीं।
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एक स्थान पर भीड़ न लगने दें : मंडलायुक्त
मंडलायुक्त चित्रकूट धाम अजीत कुमार ने महाशिवरात्रि पर्व के एक दिन पहले रामघाट सहित मत्तगजेंद्र नाथ मंदिर सहित अन्य स्थानों का भ्रमण कर व्यवस्था की जानकारी ली। उन्होंने डीएम शिवशरणप्पा व एसपी अरुण कुमार सिंह से मेल की व्यवस्था की जानकारी ली। कहा कि एक स्थान पर अधिक भीड़ नहीं जमा होने पाए।
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चार पहिया वाहन मालिक ले रहे मनमानी किराया
चित्रकूट। ट्रेन व बसों की संख्या कम होने और जाम में फंसने के डर से कई श्रद्धालु स्थानीय चार पहिया वाहनों को बुक कराकर प्रयागराज जा रहे हैं। आम दिनों में एक चार पहिया का प्रयागराज का किराया तीन से साढे तीन हजार होता है। इन दिनों सात हजार रुपये तक लिया जा रहा है। झांसी के रतेंद्र कुमार पाठक ने बताया कि वह सब बस से चित्रकूट आए हैं। बस के जाम में फंसने से बचने के लिए वह चित्रकूट से चार पहिया वाहन बुक कराया तो उनसे सात हजार रुपये लिए गए। इसके अलावा चार पहिया वाहनों की मांग ज्यादा बढ़ने से महोबा-बांदा-हमीरपुर के भी कई चार पहिया लेकर चित्रकूट आए हैं और श्रद्धालुओं से बुकिंग लेकर प्रयागराज जा रहे हैं। (संवाद)