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Chitrakoot News: तीन शवों का अंतिम संस्कार, घायलों की हालत में सुधार

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गमगीन परिजनों को सांत्वना देते नेता।  - फोटो : संवाद
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चित्रकूट। डीसीएम और पिकअप की भिड़ंत में मृत पांच लोगों में से तीन का पोस्टमार्टम सोमवार को कराया गया। दो शवों का रविवार को ही पोस्टमार्टम हो गया था। सखौंहा और बल्हौरा गांव में मातम छाया रहा। इन गांवों के दो-दो लोगों की मौत हुई है। उधर, हादसे में घायलों की हालत में सोमवार को काफी सुधार हुआ है।
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मऊ थाना क्षेत्र के सखौंहा निवासी संतराम (38), बच्चा (45), बल्हौरा निवासी पिकअप चालक रामू साहू (32), कौनेन अली (27), हन्ना विनैका निवासी दुर्गा प्रसाद (32) की डीसीएम और पिकअप की भिड़ंत में मौत हो गई थी। रविवार को रामू साहू व दुर्गा के शव का पोस्टमार्टम हो गया था। जिला अस्पताल में रखे शवों का चार घंटे बाद पंचनामा भरने से रविवार को पोस्टमार्टम नहीं हो पाया था। इस कारण परिजनों को रात भर पोस्टमार्टम हाउस के बाहर रहना पड़ा। इससे बच्चा, संतराम और कौनेन के परिजनों में पुलिस के प्रति काफी रोष रहा। सोमवार को तीनों का पोस्टमार्टम हुआ। इसके बाद परिजन शव ले जाकर गांव में अंतिम संस्कार किया। सपा जिलाध्यक्ष शिवशंकर सिंह यादव, मान सिंह पटेल, बसपा के जिलाध्यक्ष शिवबाबू वर्मा आदि ने पीड़ित परिजनों से मिलकर ढांढ़स बंधाया।
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सीएम ने जताया शोक
हाईवे पर डीसीएम व पिकअप की टक्कर में जिले के पांच ग्रामीणों की मौत व छह के घायल होने के मामले में सीएम योगी आदित्यनाथ ने गहरा दुख जताया है। उन्होंने जिले के अधिकारियों को निर्देश दिए कि घायलों का सही इलाज कराया जाए। मृतकों के परिजनों को ढांढ़स बंधाया।
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डीसीएम चालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज
डीसीएम और पिकअप की टक्कर मामले में बल्हौरा निवासी चालक रामू साहू के पिता बाबूलाल ने रैपुरा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। तहरीर में बताया कि डीसीएम चालक सामने से तेज और लापरवाहीपूर्वक गाड़ी चलाते आ रहा था। इसके चलते डीसीएम ने पिकअप पर टक्कर मार दी है। डीसीएम चालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है।

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पुलिस की कार्यप्रणाली से आक्रोश
सखौंहा निवासी संतराम, बच्चा और बल्हौरा निवासी कौनेन के परिजन और रिश्तेदारों ने पूरी रात पोस्टमार्टम हाउस के बाहर गुजारी। रविवार को दोपहर दो बजे ही डॉक्टर के मृत घोषित कर दिया था, लेकिन परिजनों को पांच घंटे पंचनामे के लिए इंतजार करना पड़ा। परिजन बार-बार पुलिसकर्मियों से हाथ जोड़कर जल्दी पंचनामा भरने की गुजारिश करते रहे, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हुई। सोमवार को भी दोपहर एक बजे पोस्टमार्टम हो पाया। कई बार जनप्रतिनिधियों और अन्य नेताओं ने भी फोन कर जल्दी पोस्टमार्टम कराने के लिए कहा। इससे पुलिस के प्रति आक्रोश रहा।
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