चित्रकूट। जिले में हर साल खाद की किल्लत होती है। इस साल भी केंद्रों में लाइन लगी रही। एक युवक ने एक केंद्र बाहर फांसी लगाने का भी प्रयास किया था। खाद नहीं मिलने पर ग्रामीणों ने शिकायत भी किया था कि खाद की कालाबाजारी की जाती है।
जिले में हर साल खरीफ व रबी की फसल में खाद का संकट बना जाता है। पिछले साल तो हालत अधिक खराब हो गई थी। एक ग्रामीण ने फांसी लगाने का प्रयास भी किया था। कई केंद्रों में किसानों ने धरना प्रदर्शन भी किया था। इसके बाद भी खाद की समस्या दूर नहीं हो रही थी। मानिकपुर क्षेत्र के रामपुर कल्याण सहित बरगढ़ के निवासियों ने शिकायत की थी कि मध्य प्रदेश में रहने वालों को खाद का वितरण किया जा रहा है। जिस पर जिला प्रशासन ने जांच कराई थी लेकिन जांच में आरोप सही नहीं मिले थे। जिला कृषि अधिकारी आरपी शुक्ला ने बताया कि कुछ ग्रामीणों ने नवंबर माह में शिकायत की थी कि अपात्रों को खाद दी जा रही है। मामले की जांच की गई। जिसमें जिन्होंने खाद लिया था। उनके कागजात सही पाए गए थे। पात्रों को ही खाद दी गई थी। बताया कि इस समय खाद के मामले में कोई जांच नहीं चल रही। किसानों को पर्याप्त मात्रा में खाद दी गई।