क्रेशर संचालकों की हड़ताल से दिहाड़ी मजदूर परेशान
हैं। रोज कमाने खाने वाले मजदूर और इनके परिवारों के सामने रोजीरोटी का
संकट है। शुक्रवार को ट्रैक्टरों में सवार होकर करीब पांच सौ मजदूर डीएम
कार्यालय पहुंचे और अपनी व्यथा सुनाई। मजदूरों ने नारेबाजी कर हड़ताल जल्द
समाप्त कराने की गुहार लगाई।
एडीएम ने इन्हें समझाने की कोशिश की
पर ये नहीं माने। इनके प्रतिनिधियों से डीएम नीलम अहलावत ने बात की।
प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि दो दिन में सभी बातों का हल निकाल कर क्रेशर
स्टोन मिलें चालू करा दी जाएंगी।
गौरतलब है कि क्रेशर यूनियन की
अगुवाई में भरतकूप और शिवरामपुर के लगभग साठ क्रेशर मालिकों ने दो दिन से
हड़ताल कर रखी है। क्रेशर मालिकों का कहना है कि प्रशासन और पुलिस कभी
सीमांकन के नाम पर तो कभी ब्लास्टिंग लाइसेंस के नाम पर परेशान कर रहे हैं।
ऐसे में जिले का एकमात्र उद्योग दम तोड़ने की कगार पर है। क्रेशर
यूनियन ने दो दिन पहले एडीएम को ज्ञापन भी सौंपा था पर बात नहीं बनी। इस पर
बुधवार से क्रेशर संचालकों ने हड़ताल कर दी। ऐसे में क्रेशरों में काम
करने वाले लगभग पांच हजार मजदूरों पर बन आई है।
शुक्रवार को
ट्रैक्टरों से तमाम मजदूर अपने परिवारों के साथ मुख्यालय पहुंचकर दुखड़ा
रोया। इनकी अगुवाई भारतीय मजदूर ग्रामीण सेवा संस्थान के प्रबंधक राममिलन
निषाद ने की। मजदूरों का कहना था कि पहले से ही वे प्राकृतिक आपदा से
परेशान हैं और अब क्रेशर बंद होने से रोजी का संकट है।
इनके साथ
गुलाबी गैंग कमांडर संपत पाल भी थीं। एडीएम संतोष कुमार ने इन मजदूरों को
समझाया पर मजदूरों का कहना था कि वे डीएम से मिलकर अपनी बात कहेंगे। इस पर
डीएम नीलम अहलावत ने श्रमिकों से बातचीत की और आश्वासन दिया।
एडीएम
संतोष कुमार ने कहा कि दो दिन में समस्याओं का समाधान कर क्रेशर चालू कराए
जाएंगे। इस मौके पर संतोष कुमार, नत्थूलाल वर्मा, रामचंद्र वर्मा, मिथलेश
चक्रवर्ती, बुद्धविलास, महेश, राजेश, सागर, देवीदीन, अवधेश वर्मा, रमेश
समेत तमाम श्रमिक मौजूद रहे।