कार्यक्रम प्रस्तुत करते कलाकार।
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खोही। तुलसी जयंती समारोह में कलाकारों ने लोकगीतों के साथ ही रामचरित मानस की चौपाइयों पर श्रीराम के चरित्र पर नाटक का मंचन किया।
समारोह के दूसरे दिन रीवा की मणिमाला सिंह और साथी कलाकारों ने बघेली में राम कथा के साथ ही सावन के गीत और बुंदेली गीत प्रस्तुत किए।
घनघोर बरसे बदरा हमार पिया हमसे न बोले, नदिया किनारे हवा डोले। कहां गए राम बता दो रानी, राजा दशरथ राम को लाख पुकारे आदि गीत प्रस्तुत किए।
डॉ. अवधेश कुमार चौरसिया ने श्रीराम कथा का वर्णन किया। कहा कि भगवान श्रीराम चित्रकूट तीर्थ स्थल में 11 वर्ष से अधिक समय तक रहे। यहां की पावन धारा में कण-कण में श्रीराम हैं।
तुलसी शोध संस्थान के निदेशक दीपक कुमार गुप्ता ने तुलसी दास के जीवन के बारे में जानकारी दी। संत भैरो दास, रवि माला सिंह, विनोद सिंह, रामेश्वर पटेल, राधामोहन आदि मौजूद रहे।