फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पत्नी और भाई ने दो संदिग्धों के नाम बताए

Tue, 31 Mar 2015 12:08 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, चित्रकूट।
विज्ञापन
विज्ञापन
पति धर्मेंद्र के लापता होने से परेशान साधना पांडे ने सोमवार को एसपी कार्यालय में जाकर सीओ मऊ से पति के गायब होने की पूरी कहानी बताई। 
विज्ञापन


एसटीएफ के कथित मुखबिर धर्मेंद्र पांडे की पत्नी साधना का कहना है कि उसके पति के साथ हुई घटना में एसटीएफ की भी भूमिका की जांच होनी चाहिए। 

उसने अफसरों से न्याय मांगा। उसके साथ उसका देवर महेंद्र और पुत्री पूजा भी थे। महेंद्र ने बताया कि उसने सीओ को गांव के दो लोगों के नाम दिए हैं, जिनसे पूछताछ करने पर मामला खुल सकता है।

एसपी के नहीं होने पर मौजूद सीओ मऊ अजय कुमार कुलश्रेष्ठ ने पूरी बात सुनी। महेंद्र का कहना है कि उसका भाई जब भी कहीं जाता था अपने साथ लाइसेंसी बंदूक लेकर जाता था। वह बंदूक भी गायब है। उसने खुद पतेरिया के डोंगार हार में जाकर पता किया है और उसे वहां राख और खून मिला है।
विज्ञापन


उसने इसकी जानकारी सीओ को दी है। उसने कहा कि उसका भाई जो भी था उसे एसटीएफ ने ही बनाया। चार तारीख को वह गांव आया था और यह कहकर चला गया कि वह एसटीएफ के पास जा रहा है। ज्यादातर समय वह मानिकपुर में एसटीएफ के लोगों के साथ बिताता था।

साधना और महेंद्र ने धर्मेंद्र के गायब होने के पीछे गांव के कुछ लोगों के नाम दिए हैं। महेंद्र का कहना था कि अगरहुंड़ा के खास तौर पर दो लोगों ने उसके भाई को गायब कराने में मदद की है। अगर पुलिस इनसे और एसटीएफ से जानकारी ले तो काफी कुछ पता चल सकता है। उसे अपने भाई के जिंदा रहने की कोई उम्मीद नहीं है।
विज्ञापन


साधना ने वे प्रशस्ति पत्र भी दिखाए जो उसके पति धर्मेंद्र  को कार्यालय वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, स्पेशल टास्क फोर्स लखनऊ द्वारा दिए गए थे।

ये दोनों प्रशस्ति पत्र उसके पति को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अमिताभ यश द्वारा 25 अप्रैल 2009 को दस्यु सरगना दीपक पटेल, और शिवनरेश पटेल को गिरफ्तार करने में सक्रिय भूमिका निभाने और 21 जुलाई 2007 में छोटा पटेल उर्फ शिवकरन, फूलचंद्र उर्फ ढनगू उर्फ ड्राइवर, सरमन और कुदउवा के मारे जाने पर सहयोग के लिए दिए गए थे।


विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें