राजापुर (चित्रकूट)। क्षेत्र के नांदिन कुर्मियान के मजरा मलवारा कैरा पुरवा को जाने वाला कच्चा रास्ता ग्रामीणों के लिए बड़ी समस्या बन गया है। हाल ही में हुई बारिश के कारण आवागमन लगभग बाधित है, जिससे करीब छह सौ लोगों की आबादी प्रभावित है। कीचड़ भरे रास्ते से पैदल निकलना मजबूरी है।
हर चुनाव में जनप्रतिनिधियों ने सड़क निर्माण के वादे किए थे, मगर वो पूरे नहीं होते। चुनाव जीतने के बाद जनप्रतिनिधि अपने किए गए वादों को भूल जाते हैं। ग्रामीणों ने कई बार इस कच्चे मार्ग को पक्का बनवाने की मांग की है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। सबसे अधिक परेशानी बच्चों को स्कूल आने-जाने और मरीजों को अस्पताल पहुंचने में होती है।
ग्रामीणों का दर्द :
फोटो 30 सीकेटीपी 02 दीपराज सिंह। संवाद
दीपराज सिंह का कहना है कि बच्चों को रोज डर के साये में स्कूल भेजते हैं। कीचड़ और पानी के बीच से गुजरते समय कभी भी हादसा हो सकता है। कई बार बच्चे फिसलकर गिर चुके हैं और चोटिल भी हुए हैं। इसके बावजूद कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
फोटो 30 सीकेटीपी 04 घनश्याम पाल। संवाद
ग्रामीण घनश्याम पाल ने बताया कि यह मजरा पहले ग्राम पंचायत खटवारा का हिस्सा था। खटवारा के नगर पंचायत के विस्तारित क्षेत्र में शामिल होने के बाद इसे नांदिन कुर्मियान से जोड़ दिया गया। तब से यह मजरा विकास की दौड़ में पीछे छूट गया है।
बोले जिम्मेदार-
बीडीओ रामनगर राजेश तिवारी ने बताया कि मजरे के कच्चे रास्ते के बारे में जानकारी मिली है। एस्टीमेट बनाकर कर पक्का रास्ता बनवाया जाएगा।
फोटो 30 सीकेटीपी 01 कैरा पुरवा का कीचड़यक्त रास्ता। संवाद- फोटो : कलेक्ट्रेट में आंगनबाड़ी सहायिका को नियुक्ति पत्र देते डीएम व सीडीओ।
फोटो 30 सीकेटीपी 01 कैरा पुरवा का कीचड़यक्त रास्ता। संवाद- फोटो : कलेक्ट्रेट में आंगनबाड़ी सहायिका को नियुक्ति पत्र देते डीएम व सीडीओ।