बांदा। भारतीय उद्योग व्यापार मंडल ने सोमवार को शहीद हुए व्यापारी की याद में श्रद्धांजलि सभा की। व्यापारी हितों के लिए समर्पित होने का संकल्प लिया।
लोहिया पुल के निकट मैरिज हाल में पदाधिकारियों और व्यापारियों ने शहीद व्यापारियों के बलिदान को याद किया। जिलाध्यक्ष अमित सेठ भोलू ने कहा कि 50 वर्ष पहले व्यापारियों का शोषण हुआ करता था। व्यापारी समाज को उत्पीड़ित किया जाता था। व्यापारियों का सम्मान नहीं होता था, बल्कि उन्हें हेय दृष्टि से देखा जाता था। तब लाला विशंभर दयाल और पंडित श्याम बिहारी मिश्रा, रविकांत गर्ग, अरुण अग्रवाल ने व्यापार मंडल की बुनियाद रखी। व्यापारियों को संगठित कर संघर्ष का बिगुल बजाया। व्यापारी समाज को अन्याय अत्याचार से निजात दिलाने के लिए आवाज बुलंद की।
26 मई 1979 को लखनऊ के अमीनाबाद में बिक्री कर विभाग के सर्वे-छापे को बंद कराने को लेकर तत्कालीन सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया गया था। पुलिस की गोली से 23 साल के नवयुवक हरिश्चंद्र अग्रवाल की मृत्यु हो गई थी। तब से लेकर के अभी तक 14 व्यापारी अलग-अलग आंदोलनों में शहीद हुए हैं। संरक्षक प्रकाश साहू, मनोज जैन, संतोष ओमर, सुरेश गुप्ता कान्हा,राजकुमार गुप्ता राजू,अवधेश गुप्ता भी रहे।