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Chitrakoot News: धर्मनगरी की माटी बीमार, मिट्टी की जांच में कम मिले पोषक तत्व

Sun, 07 Dec 2025 11:49 PM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
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चित्रकूट। धर्मनगरी के खेतों में मिट्टी की सेहत खराब है। वजह, अभी हाल ही में आई मृदा परीक्षण की जांच रिपोर्ट में नाइट्रोजन और जीवांश कार्बन, सल्फर, पोटाश जैसे पोषक तत्वों में कमी पाई गई। इससे फसल उत्पादन पर तो सीधा असर पड़ेगा, साथ ही आमजन के स्वास्थ्य पर भी असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है।
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खेतों में अच्छी उपज के उत्पादन के लिए मिट्टी में कार्बनिक जीवांश, सल्फर, पोटाश व नाइट्रोजन जैसे पोषक तत्व होना जरूरी है। तभी किसानों द्वारा खेतों में उगाई गई फसल की उपज अच्छी मिलेगी। पर अंधाधुंध रासायनिक खाद के इस्तेमाल से मिट्टी की सेहत पर असर पड़ रहा है। मिट्टी में पोषक तत्वों की कमी से लगातार फसल का उत्पादन घट रहा है। इससे चिंतित सरकार ने
राष्ट्रीय सतत कृषि मिशन (नेशनल मिशन फॉर सस्टेनेबल एग्रीकल्चर) योजना में जनपद में किसानों के खेतों की मिट्टी की जांच के लिए जिला कृषि कार्यालय में लैब बनाई गई है। चित्रकूट में भी मिट्टी की जांच के लिए प्रयोगशाला तैयार कराई गई। खरीफ व रबी फसल में करीब 10 हजार किसानों के खेत की मिट्टी की जांच का लक्ष्य मिला था। इसके सापेक्ष कृषि विभाग ने करीब सात हजार किसानों के खेतों की मिट्टी की जांच की। जांच में पोषक तत्वों बहुत कमी पाई गई।
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सात हजार किसानों के खेत की जांची गई मृदा
चित्रकूट। कृषि विभाग में निर्मित लैब के वरिष्ठ शोध सहायक आनंद सेन व रविकांत मिश्रा ने बताया कि खेत की मिट्टी जांच में कार्बनिक जीवांश 0.35 प्रतिशत पाया गया है। जबकि जरूरत 0.75 प्रतिशत की होनी चाहिए। इसी तरह से पोटाश 125 किग्रा पाया। जबकि 270 किग्रा होनी चाहिए। इसी तरह से नाइट्रोजन 175 किग्रा मिला। जबकि 250 किग्रा होनी चाहिए। (संवाद)
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फसल चक्र के हिसाब से खेती करें
चित्रकूट। जिला कृषि अधिकारी आरपी शुक्ला ने बताया कि खेत की मिट्टी में आवश्यक तत्व बढ़ाने के लिए फसल चक्र के हिसाब से खेती करनी चाहिए। हर साल अलग फसल लगाना चाहिए। यदि हर साल गेहूं की फसल लगाने से आवाश्यक तत्वों की कमी हो जाती है। बताया कि मिट्टी में जीवांश बढ़ाने के लिए गोबर की खाद, वर्मी कंपोस्ट खाद डालनी चाहिए।
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