फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मेडिकल के दौरान कैदियों ने नहीं की बातचीत, कई ने नाश्ता छोड़ा

विज्ञापन
विज्ञापन
चित्रकूट। एसटीएफ टीम पर घात लगाकर हमला करने वाले ठोकिया गैंग के अभियुक्तों के चेहरे उम्रकैद की सजा मिलने के दूसरे दिन शुक्रवार को मुरझाए रहे। जिला जेल चित्रकूट में बंद कैदियों का मेडिकल परीक्षण कराया। इस दौरान सभी कैदी एक दूसरे से बात करने में भी कतराते रहे। यहां तक कि सुबह का नाश्ता भी आठ कैदियों ने नहीं किया।
विज्ञापन

बांदा की अदालत में गुरुवार को फैसला होने के बाद चित्रकूट लौटे कैदियों में नत्थू, शिवनरेश, धनीराम, देवशरण, किशोरी, कल्याण, अशोक, रामबाबू, नरेंद्र, चुनवाद, रामप्रसाद व शंकर की रात बेचैनी में कटी। सूत्रों की मानें तो बांदा रवानगी के पूर्व यह सभी आश्वस्त थे कि कई को राहत मिल सकती है और कुछ वर्षों की सजा हो सकती है। कई तो खुद को बेगुनाह बताते रहे और घटना को लेकर चर्चा करते रहे। लौटकर आने पर सभी के चेहरे मुरझाए रहे। शुक्रवार को मेडिकल के दौरान सभी उदास रहे। जेल अधीक्षक अशोक कुमार सागर ने बताया कि नियमानुसार कार्रवाई हो रही है। सभी का मेडिकल परीक्षण कराया गया है। समय से भोजन दिया गया है।
खंभरिहा और पौशला में चर्चा
चित्रकूट। डाकू ठोकिया गैंग के सदस्य के रूप में एसटीएफ से मुठभेड़ मामले में उम्रकैद की सजा पाए खंभरिहा निवासी भाई शिवनरेश व जुगुल, घुरेटनपुर के नत्थू, पौशला निवासी देवशरण, थर निवासी दददू पटेल व खोह निवासी शिवमूरत के गांव में सजा को लेकर ग्रामीणों के बीच दिन भर चर्चा होती रही। इन परिवार के सदस्यों में भी शोक व्याप्त रहा।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें