फोटो - 23 धूप से बचाव के लिए शहर स्थित पुल से गमछा ओढ़कर जाते राहगीर। संवाद
चित्रकूट। जिले में भीषण गर्मी का प्रकोप जारी है जहां अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। गर्म हवाओं (लू) के कारण लोगों का जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। रात में भी न्यूनतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया जा रहा है जिससे राहत नहीं मिल रही है।
जिले में तापमान ने पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। गर्म हवाओं के थपेड़ों ने लोगों का बाहर निकलना दुश्वार कर दिया है। मौसम वैज्ञानिक अंकुर त्रिपाठी के अनुसार, आने वाले दिनों में तापमान में और वृद्धि होने की संभावना है और फिलहाल गर्मी से तत्काल राहत मिलने की कोई उम्मीद नहीं है। इस स्थिति को देखते हुए वैज्ञानिक ने लोगों को पारा और ऊपर जाने की आशंका के मद्देनजर विशेष एहतियात बरतने की सलाह दी है। दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक शहर की मुख्य सड़कें और बाजार लगभग सूने नजर आते हैं, क्योंकि लोग गर्मी से बचने के लिए अपने घरों में रहने को मजबूर हैं। इस चिलचिलाती धूप से निजात पाने के लिए लोग नींबू पानी, गन्ने का रस और छाछ जैसे ठंडे पेय पदार्थों का सहारा ले रहे हैं।
अस्पतालों में बढ़ी मरीजों की संख्या
गर्मी का असर अब स्वास्थ्य पर भी दिखने लगा है। जिला अस्पताल में उल्टी और दस्त के मरीजों की संख्या में अचानक बढ़ोतरी हुई है। सीएमएस शैलेंद्र कुमार ने बताया कि इस समय लू से बचाव करना अति आवश्यक है। उन्होंने लोगों को धूप में निकलने से बचने की सलाह दी। बहुत जरूरी होने पर ही दोपहर में घर से बाहर निकलने को कहा गया है। उन्होंने बताया कि बाहर जाते समय शरीर को ढककर रखें। इसके लिए सूती कपड़े, चश्मा, टोपी और गमछे का उपयोग करें। शरीर में पानी की कमी न होने दें और लगातार पानी पीते रहें। ओआरएस का घोल या अन्य घरेलू पेय पदार्थों का सेवन करने की सलाह दी गई है।