चित्रकूट। बेतवा एक्सप्रेस में पकड़े गए 63 लाख रुपये का हवाला कनेक्शन सामने आया है। ये रकम सतना के एक बड़े गुटखा कारोबारी की बताई जा रही है।
आयकर विभाग को शक है कि आरोपी जीएसटी और आयकर बचाने के लिए अवैध तरीके से नकदी एक राज्य से दूसरे राज्य भेज रहा था। आयकर टीम अब आरोपी के मोबाइल, व्हाट्सएप चैट और बैंक लेनदेन खंगालेगी। अधिकारियों को उम्मीद है कि इससे हवाला नेटवर्क के कई और नाम सामने आएंगे।
बेतवा एक्सप्रेस में आरपीएफ व झांसी क्राइम विंग की टीम ने 63 लाख रुपये बरामद किए थे। आरपीएफ ने चार घंटे व कानपुर की आयकर टीम ने नौ घंटे पूछताछ की। इसके बाद आरोपी प्रीतमदास को समन देकर छोड़ दिया गया। वहीं बरामद 63 लाख रुपये आरपीएफ थाना में ही सुरक्षित रखवाए गए हैं। उसकी सुरक्षा के लिए अलग से कर्मी तैनात किए गए हैं, जो 24 घंटे रुपये की सुरक्षा करेंगे।
जानकारों का मानना है कि ये रकम बिना बिल गुटखा बिक्री की है। कारोबारी बड़ी मात्रा में नकद लेनदेन कर टैक्स बचा रहा था। पकड़े जाने के डर से ट्रेन के जरिए हवाला के माध्यम से पैसा भेजा जा रहा था। आरपीएफ प्रभारी राजेंद्र कुमार ने बताया कि आयकर टीम जांच कर रही है। आरोपी को निर्देश दिए गए हैं कि जब भी बुलाया जाए हाजिर होना होगा। आयकर अधिकारियों ने मोबाइल जब्त कर लिया है। उससे लेनदेन, लोकेशन और संपर्कों की डिटेल निकाली जाएगी।
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हवाला कैसे चलता है
-काला धन: बिना बिल बिक्री से जमा नकदी
- किसी व्यक्ति के जरिए ट्रेन/बस से भेजना
- दूसरे शहर में रिसीवर को देना
- बैंक और टैक्स विभाग की नजर से बचना
नौ घंटे पूछताछ, नहीं निकला कोई नतीजा, समन देकर आरोपी को छोड़ा
चित्रकूट। बेतवा एक्सप्रेस में 63 लाख रुपये के साथ पकड़े गए आरोपी से आयकर टीम ने करीब नौ घंटे पूछताछ की लेकिन टीम को कोई खास जानकारी नहीं मिली। इसके बाद आरोपी को समन देकर छोड़ दिया गया है।
रुपये देने वाले आरोपी को भी समन जारी किया गया है। आयकर टीम को जांच में क्या जानकारी मिली, इस बारे में कोई कुछ बोलने को तैयार नहीं है। हालांकि बस इतना कहा कि आयकर टीम की जांच अभी जारी है।
सोमवार को आरपीएफ व क्राइम विंग झांसी की टीम ने बेतवा एक्सप्रेस में बहिलपुरवा से कर्वी के बीच चेकिंग की थी। जिसके एसी कोच B-3 की सीट 19 पर बैठे सतना के कोलगवां थाना क्षेत्र, रघुराज नगर सिंधी कैंप वार्ड 21 रसाला मोहल्ला निवासी प्रीतम दास (65) को 63 लाख रुपये नकदी के साथ पकड़ा था। उसने बताया कि सतना निवासी गुटखा कारोबारी संजय उर्फ संजू ने बरामद रुपये कानपुर पहुंचाने के लिए दिए थे। किसे और कहां देने हैं इसकी जानकारी उसे नहीं है।
आरपीएफ की सूचना पर मंगलवार दोपहर बाद कानपुर से आयकर की तीन सदस्यीय टीम ने पहुंचकर पकड़े गए प्रीतम से करीब नौ घंटे पूछताछ की लेकिन कोई खास जानकारी नहीं मिल सकी। रात बारह बजे के बाद टीम आरोपी को आरपीएफ को सौंप कर चली गई। आरपीएफ ने आरोपी को समन देकर छोड़ दिया।
थाना प्रभारी राजेंद्र कुमार ने बताया कि सतना निवासी गुटखा कारोबारी संजय को भी समन जारी किया गया है। जल्द ही उसे भी पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा।
पड़ोसी ने रुपये पहुंचाने के लिए कहा
बेतवा एक्सप्रेस में पकड़े गए 63 लाख रुपये के मामले में बुधवार को कानपुर से गई आयकर विभाग की टीम वापस लौट आई। ट्रेन में पकड़े गए व्यक्ति से पूछताछ में उसने पड़ोसी की ओर से रुपये देनी की बात स्वीकार की है। वहीं विभाग ने संबंधित व्यक्ति को समन जारी करके आयकर का श्रोत और दस्तावेज दिखाने के निर्देश दिए हैं।
दस्तावेज आदि न मिलने पर रुपये को जब्त किया जाएगा। वहीं रुपया हवाला का होने का शक गहराता जा रहा है। वहीं बुधवार को कानपुर आयकर विभाग की तीन सदस्यीय चित्रकूट से वापस आ गई। टीम ने आरोपी से पूछताछ की। उसका मोबाइल भी कब्जे में ले लिया है। सूत्रों ने बताया कि पूछताछ में पकड़े गए व्यक्ति ने बताया कि उसके पड़ोसी ने रुपये कानपुर पहुंचाने के लिए कहा था। इसके अलावा वो और कुछ नहीं जानता।