चित्रकूट। जानलेवा सर्दी के तेवरों में जरा भी नरमी नहीं दिख रही है। बुधवार पूरे दिन बादल डेरा जमाए रहे। लोग शीत लहर से कंपकंपाते रहे। भीषण ठंड में बेजुबान पशु-पक्षी भी ठिठुर रहे हैं। हाल यह है कि अलाव की गर्मी भी ठंड से राहत देने में नाकाफी साबित हो रही है। न्यूनतम तापमान छह डिग्री व अधिकतम 12 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
जिले में दो दिनों से हाड़ कंपा देने वाली सर्दी पड़ रही है। भीषण ठंड में सुबह घरों से निकलना मुश्किल हो रहा है। उधर, मौसम खराब होने से बीमारियों ने भी पैर पसारने शुरू कर दिए हैं। इस ठंड में सबसे ज्यादा बच्चे और बुजुर्ग खांसी, जुकाम, सर्दी समेत अन्य मौसम जनित बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। अस्पतालों में मरीजाेें की संख्या बढ़ रही है।
ठंड का असर बाजारों में देखा जा रहा है। रोडवेज बसों में भी समय यात्रियों की संख्या कम हो गई है। ट्रेनें भी देर से पहुंच रहीं हैं। ग्रामीण इलाकों में भी ठंड पूरे रौ में है। मानिकपुर, राजापुर, पहाड़ी,सरैंया, बरगढ़, मऊ, भरतकूप व शिवरामपुर में कड़ाके की ठंड में लोग बेहाल हैं। सुबह से दोपहर तक घना कोहरा व सर्द हवाएं चलने से लोग जरूरी कामों से ही बाहर निकले। उधर, गनीवा कृषि फार्म के मौसम वैज्ञानिक डा. मनोज शर्मा ने बताया कि 22 जनवरी को हल्की बारिश हो सकती है। 23 जनवरी कोे भी बादल छाए रहने की संभावना है।
भौंरी गांव स्थित वंशका पुरवा निवासी बबुली (35) पुत्र बड़कू की मंगलवार को घर में बीमारी से मौत हो गई। पिता ने बताया कि बबुली मप्र के सलेहा स्थित पहाड़ में मजदूरी करता था। मंगलवार को वह घर आया था। यहां आने के कुछ देर बाद उसे चक्कर आया और वह बेहोश हो गया। नर्सिंगहोम में डाक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। पिता ने बताया कि ठंड लगने से बेटे की मौत हुई है। परिजनों ने बिना पोस्टमार्टम कराए उसका अंतिम संस्कार करा दिया। मृतक के तीन पुत्रियां हैं। संवाद