कोषागार घोटाला
कोषागार घोटाला :
कोषागार घोटाले की जांच में जुटी एसआईटी, बैंक कर्मियों से मांगी जाएगी जानकारी
चित्रकूट। जिले में 43.13 करोड़ रुपये के बड़े कोषागार घोटाले की जांच में विशेष जांच दल (एसआईटी) गहनता से जुटी हुई है। हालांकि ढाई माह से चल रही जांच में टीम अभी तक किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंची। कई बार विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों से लंबी पूछताछ के बावजूद जांच दल घोटाले की तह तक पहुंचने में संघर्ष कर रहा है। इस बीच, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच शुरू होने से पहले एसआईटी 2014 से जांच में सामने आए पांच संदिग्ध खातों के संचालकों और उनमें भेजी गई धनराशि का पूरा ब्योरा जुटाने का प्रयास कर रही है।
2018 से लेकर 2025 तक के बीच कोषागार विभाग में तैनात रहे अधिकारियों व कर्मचारियों से चार बार पूछताछ हो चुकी है। सूत्रों के अनुसार, हर बार विभागीय अधिकारी खुद को बचाने या कुछ छिपाने के चक्कर में पहले से नामजद अधिकारियों व कर्मचारियों को ही गड़बड़ी के लिए दोषी ठहरा रहे हैं। शुक्रवार को भी यही हुआ।
जांच टीम ने पेंशनरों व बिचौलियों के साथ विभागीय अधिकारी-कर्मचारियों की कार्यशैली जानने का प्रयास किया तो वही रटा-रटाया जवाब मिला। जांच टीम ने अब जांच का दायरा 2014 से बढ़ाया है, लेकिन पांच संदिग्ध खातों में मिली धनराशि और विभाग से भेजी गई धनराशि के अंतर को पकड़ नहीं पाई है। इसके लिए बैंक अधिकारियों व कर्मचारियों की सूची विभाग को मिल गई है, जिसे जांच टीम को दिया गया है।
अब जांच टीम इस अंतर को जानने के लिए संबंधित बैंककर्मी से जानकारी मांगेगी। सूत्रों के अनुसार, जांच टीम ने तीन बैंकों के कर्मियों से भुगतान वाली तारीख का ब्योरा भी मांगा है। यह पता चला है कि कोषागार विभाग के 2014 के खातों की जांच में पांच खातों की धनराशि विभाग के पटल और बैंक खाते में दर्ज धनराशि में अंतर है। इसी अंतर को लेकर जांच टीम उलझन में है। जांच की गति को देखते हुए अनुमान है कि ईडी की जांच शुरू होने से पहले जांच टीम पहली रिपोर्ट शासन को भेज देगी।
नए बिचौलियों की पहचान और उनकी भूमिका
कोषागार घोटाला मामले में छह नए बिचौलियों की पहचान जांच टीम ने की है। शुक्रवार को इनमें से तीन ने जांच टीम के सामने खुद को निर्दोष बताने का प्रयास किया है। इन तीनों पर एक मृत पेंशनर का खाता संचालित करने का आरोप है, जिसमें लगभग एक करोड़ रुपये भेजे गए थे। दो अन्य बिचौलिए वृद्ध पेंशनर के रिश्तेदार हैं। पूछताछ में उन्होंने बताया कि यह काम उन्होंने कोषागार विभाग के कुछ अधिकारी-कर्मचारियों की शह पर किया है। उनसे कुछ कागजात के साथ जानकारी मांगी गई है। जल्द ही उन्हें फिर जांच टीम के सामने पेश होना होगा। तीन अन्य बिचौलिए फिलहाल अभी पुलिस टीम के सामने नहीं पहुंचे हैं।