चित्रकूट। जिले में स्वगणना अभियान का दूसरा चरण शुक्रवार से शुरू हो गया है। भीषण गर्मी के बीच सरकारी कर्मचारियों ने पहले दिन घर-घर दस्तक दी। इस दौरान उन्हें न केवल धूप और लू से जूझना पड़ रहा है, बल्कि लोग भी घरों में दुबके हुए हैं। इससे प्रगणकों को आवश्यक जानकारी जुटाने में बड़ी चुनौती मिल रही है। हालांकि किसी तरह से बड़ी मुश्किल से एक-एक करके 33 बिंदुओं पर जानकारी जुटाई, बाद में उसे ऑनलाइन फीड किया। उधर, पहले दिन प्रशासन ने करीब 600 मकानों की गणना होने का दावा किया।
दूसरे चरण में 1926 प्रगणक और इतने ही एचएलबी कर्मचारी घर-घर जाकर गणना कर रहे हैं। पहले दिन मकान की जनगणना में लगे कर्मचारियों की पड़ताल की तो कपसेठी गांव में ड्यूटी पर लगे अनुदेशक जय सिंह ने बताया कि इस समय भीषण गर्मी पड़ रही है। लू से बचाव के लिए अंगौछा और पानी की बोतल भी साथ रखते हैं। कर्मी दोपहर में बाहर निकलने से बचते हुए सुबह और शाम को अपना काम निपटाते हैं। शिवरामपुर क्षेत्र के भभई गांव में जनगणना कर रहे राजबहादुर ने भी अपनी मुश्किलें साझा कीं। उन्होंने बताया कि ग्रामीण गर्मी के कारण घरों से मुश्किल से बाहर निकलते हैं। वे अक्सर जनगणना कर्मियों को शाम को आने को कहते हैं। ग्रामीणों को समझाने पर ही वे आवश्यक विवरण उपलब्ध कराते हैं। इससे जनगणना कार्य की गति को धीमा कर रही है। उधर, अपर जिलाधिकारी अरुण कुमार, स्वप्निल यादव, डीपीआरओ देवेंद्र सिंह, बीएसए बीके शर्मा सहित अन्य अधिकारियों ने गणना कार्य का जायजा लिया। अपर जिलाधिकारी चंद्रशेखर ने बताया कि पहले चरण की स्वगणना में 33912 लोगों ने स्वयं गणना की थी। स्वगणना का पहला चरण सात मई से शुरू हुआ था। इसमें विभिन्न विभागों के कर्मचारियों और लोगों को स्वयं अपनी गणना करनी थी।
पहले चरण में 33912 ने की स्वगणना
स्वगणना के पहले चरण में 20 जनप्रतिनिधियों ने भाग लिया। सदर तहसील के राजस्व विभाग के 62, मऊ के 45 और मानिकपुर के 29 कर्मचारियों ने गणना की। नगर पालिका परिषद कर्वी के 66, राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान के 173 और विकास खंड कर्वी के 961 कर्मचारियों ने भी इसमें हिस्सा लिया। मऊ के 607, मानिकपुर के 524, पहाड़ी के 530 और रामनगर के 289 कर्मचारियों सहित शिक्षा, स्वास्थ्य और पुलिस विभागों के अधिकारियों व कर्मचारियों ने भी स्वगणना की।