चित्रकूट। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चित्रकूट में बाढ़ राहत वितरण कार्यक्रम में भावुक अपील की।
उन्होंने कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम ने वनवास के 12 वर्ष इसी धरती पर बिताए थे। यहीं उन्होंने रामराज्य की कल्पना की थी। जब प्रभु श्रीराम संकट में थे तो चित्रकूट ने उन्हें आश्रय दिया था। आज आप संकट में हैं तो यह सरकार चट्टान की तरह आपके साथ खड़ी है। जिससे भगवान श्रीराम को आश्रय देने वालों को कोई परेशानी न हो सके।
सीएम ने खराब मौसम के बावजूद यह दौरा किया। मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछली बार चित्रकूट आने पर 1000 करोड़ रुपये की विकास योजनाएं दी गई थीं। उन्होंने आश्वासन दिया कि यह आपदा की घड़ी है लेकिन दोहरी इंजन सरकार हर सुख-दुख में बाढ़ पीड़ितों के साथ है। जिसका भी नुकसान हुआ है उसे मुआवजा मिलेगा।
सरकारी संपत्तियों के नुकसान के लिए अलग से बजट दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि व्यापारी, किसान, गरीब या साधु-संत, सभी को हर संभव मदद मिलेगी। इसमें किसी भी प्रकार का भेदभाव नहीं होगा। सीएम के इस एलान से सभागार तालियों से गूंज उठा।
फसल, सड़क, घाट और बिजली के लिए मदद योगी ने फसल नुकसान का सर्वे कराने के आदेश दिए हैं। सर्वे के आधार पर किसानों को राहत दी जाएगी। उन्होंने कहा कि टूटी सड़कें, क्षतिग्रस्त घाट, बिजली के तार और पोल फिर से बनाए जाएंगे। इन कार्यों के लिए धनराशि की कोई कमी नहीं होगी। सरकार हर नुकसान की भरपाई के लिए पूरी प्रतिबद्धता से काम करेगी।
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सीएम से मिलने खड़े संतों को पुलिस ने हटाया
चित्रकूट। रामघाट पर बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलने के लिए कुछ साधु-संत अपने मंदिर के नीचे खड़े हो गए। सुरक्षा में तैनात पुलिस ने उन्हें वहां से हटने को कहा। इससे संत नाराज हो गए।
इस दौरान पुलिस और संतों के बीच देर तक झड़प होती रही। संतों का कहना था कि वे अपने मंदिर के नीचे ही खड़े हैं और सीएम से मिलने का इंतजार कर रहे हैं। बाद में समझाने-बुझाने के बाद मामला शांत हुआ। (संवाद)
फोटो 06 सीकेटीपी 14 समारोह में बोलते सीएम योगी आदित्यनाथ। संवाद