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ऊफनाई यमुना तो मंडराया बाढ़ का खतरा, दो दर्जन गांव का संपर्क कटा

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फोटो- 16- यमुना का जलस्तर बढ़ने से कई गांव का संपर्क कटा तो मवई गांव की ओर जाने के लिए नाव का सहारा लेत - फोटो : CHITRAKUTT
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राजापुर/मऊ(चित्रकूट)। युमना नदी का जलस्तर अधिक बढ़ जाने से नदी से लगे गांवों व पुरवों में पानी भरने लगा है। ग्रामीण घरों से सामान निकालकर सुरक्षित स्थानों पर जाने लगे है। राजापुर यमुना नदी में 24 घंटे में एक मीटर पानी बढ़ गया है। सड़कों व रपटा में नदी का पानी भर जाने से आवागमन बंद होने से दो दर्जन से अधिक गांवों का संपर्क टूट गया है। इसी के साथ जिले की सीमा से लगे प्रयागराज सीमा से लगे कुछ गांवों का रास्ता भी बंद हो गया है। वही राजापुर क्षेत्र में भी यमुना नदी में अधिक जल स्तर बढ़ने से पैस्वनी नदी का भी जल स्तर बढ़ गया है। जिससे कई किसानों की फसल डूब गई। तिरहार जाने का मार्ग बंद होने से तीन दर्जन अधिक गांव का आवागमन बाधित चल रहा है।
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रविवार यमुना नदी में अधिक बाढ़ आ जाने से मऊ के टिकरा मोहल्ला की बस्ती के घरों में पानी भर जाने से यहां के निवासी गृहस्थी का समान लेकर दूसरे स्थान जाने लगे हैं। जिसमेे संगीता पत्नी भइया लाल, राज कुमारी पत्नी कुट्टू, सुरेश प्रसाद पुत्र सुंदर, कमलेश पुत्र पुरन, नान बच्चा पुत्र महादेव, गया प्रसाद पुत्र धीमहा है। इन्हें डर सता रहा है कि यदि अधिक पानी बढ़ जाएगा तो उनके घर भी गिर जाएंगे। बताया कि 2016 व 13 में बाढ़ आ जाने से उनके घर गिर गए थे। इसके बाद भी शासन की तरफ से कोई सहायता नहीं दी गई। मऊ मवई रोड़ दुबानरी के रपटे में पानी भर जाने से घरेहटा, परदवां, पाली, कनभय आदि गांवों का संपर्क टूट गया है। वही मऊ क्षेत्र से प्रयागराज जिले में स्थित प्रतापुर जाने वाले रास्ते में पानी भर जाने से आवागमन दोनों जिले के निवासियों का बंद है। उप जिलाधिकारी रमेश यादव व लेखपाल राममिलन त्रिपाठी ने मौके पर जाकर ग्रामीणों की समस्या देखी।
राजापुर क्षेत्र में भी यमुना नदी का जल स्तर अधिक बढ़ जाने से सरधुआ अर्की मोड से तिरहार को जाने वाला मार्ग बंद हो गया है। जिससे दो दिन से अर्की, अतरौली, बिहरवा, नैनी, धौरहा, बकटा, हस्ता, सुरवल, देवारी आदि गांवों का आवागमन बंद है। वही यमुना नदी की बाढ़ के कारण इससे लगी पैस्वनी नदी का भी जल स्तर बढ़ गया है। जिससे इस नदी से लगे गांव कनकोटा, भदेदू, उदघटा, कुसेली, अर्की, महुवा, सरधुवा, गरीब का पुरवा, सगवारा, आदि गांव के किसानों की हजारो बीघे फसल डूब गई है।
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मऊ के उप जिलाधिकारी ने बताया कि उन्होेंने मवई रोड के आसपास क्षेत्र का निरीक्षण किया है। दो छोटी व 5 बड़ी नाव आने जाने के लिए लगाई गई हं। बताया कि अभी कोई खतरा नहीं है। जिन किसानों की फसल डूब गई उनको सर्वे कर मुआवजा दिलाया जाएगा।
24 घंटे में एक मीटर बढ़ा पानी
राजापुर। यमुना की बाढ़ 90.05 मीटर मापी गयी है। जो कल से एक मीटर अधिक है। राजापुर में यमुना नदी की बाढ़ का खतरे का निशान 93.23 मीटर पर जो अभी 3.18 शेष हे। अब तक यमुना नदी की अधिकतम बाढ़ जो 7 सितम्बर 1978को आयी थी 96.37।
बोले नाविक
मऊ। नाव चालक कमल, सुरेश, फूलचंद्र, धनश्याम, शंकर, नन्हू ने बताया कि प्रशासनिक अधिकारी के आदेश पर हर साल बाढ़ के समय नाव लगा दी जाती है लेकिन इसके लिए कोई धनराशि नहीं दी जाती। तत्कालीन जिलाधिकारी मोनिका रानी के कार्यकाल में उन लोगों को धनराशि मिली थी।
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