खलिहान में रखी फसल में आग लग गई। आग की लपटें उठती
देख आसपास के लोग दौड़ पड़े, फायर ब्रिगेड को भी सूचना दी गई। जब तक फायर
ब्रिगेड आती और ग्रामीण आग बुझा पाते, करीब 45 बीघा गेहूं की फसल जलकर राख
हो गई।
फसल में आग लगी देख एक किसान बेहोश हो गया। उसे घंटे भर बाद
होश आया। सूचना पर पहुंचे कानूनगो, लेखपाल और पुलिस ने नुकसान का जायजा
लिया। उधर, भंभई गांव में भी आग से दो घर जल गए।
नरायनपुर निवासी
राकेश कुशवाहा पुत्र रामपाल ने बताया कि बुधवार की सुबह करीब दस बजे उसके
ट्यूबवेल के पास बने खलिहान में आग लग गई। इससे वहां रखी उसकी फसल के
साथ-साथ रामआसरे, रामसुमेर, रामप्रताप, हरिप्रसाद, चंद्रभवन, रामभवन,
बिट्टन देवी, कोदिया, बच्चा, कंचन प्रसाद आदि की लगभग 45 बीघा फसल जल गई।
फसल
जलती देखकर किसान चंद्रभवन बेहोश हो गया। फायर ब्रिगेड को सूचना देकर
ग्रामीण आग बुझाने में जुट गई। जब तक फायर ब्रिगेड की गाड़ी पहुंचती, तब तक
पूरी फसल जल चुकी थी। कानूनगो गुलजार सिंह, लेखपाल लवलेश सिंह और कोतवाली
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जानकारी की।
उधर, ग्राम पंचायत भंभई में
प्रेमचंद्र यादव और बल्देव प्रसाद के घरों में आग लग गई। आग से अनाज और
सामान जलकर राख हो गया। प्रेमचंद्र ने बताया कि दोपहर लगभग डेढ़ बजे आग लगी
थी। इसमें उसका घरेलू सामान, अनाज, लकड़ी, कपड़े आदि सब जल गया।
आग से लगभग डेढ़ लाख का नुकसान हुआ है। उसने लेखपाल धर्मराज पर नुकसान के आकलन में हीलाहवाली का आरोप लगाया है।