चित्रकूट। जिला अस्पताल के स्टाफ ने नया कारनामा कर डाला। जिंदा बुजुर्ग को मुर्दा बता दिया। परिजनों के हंगामा करने पर अस्पताल के सीएमएस भी मौके पर पहुंचे और परिजनों को समझाकर शांत कराने के बाद मशीन चेक की तो वह खराब थी। आनन-फानन में दूसरी ईसीजी मशीन मंगाकर जांच की गई तो बुजुर्ग जीवित पाए गए। इसके बाद परिजनों व डॉक्टरों ने राहत की सांस ली।
टिकारी मानिकपुर के देवनाथ (78) को सांस लेने में तकलीफ और शरीर में कंपन की समस्या हुई थी। इस पर परिजनों ने उन्हें जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया था। जहां उनका इलाज चल रहा था। अचानक बुजुर्ग के शरीर में कोई हरकत न होने पर परिजनों ने वहां मौजूद स्टॉफ को इसकी जानकारी दी। स्टॉफ व कर्मियों ने ईसीजी मशीन लगाकर चेक किया और बुजुर्ग को मृत घोषित कर दिया। इस पर परिजनों ने अस्पताल में हंगामा शुरू कर दिया। जानकारी पर डॉक्टर, फार्मासिस्ट व सीएमएस पहुंचे और परिजनों को समझाकर शांत कराने का प्रयास किया। परिजनों के शांत होने पर सीएमएस ने दूसरी ईसीजी मशीन मंगाकर दोबारा जांच कराई तो बुजुर्ग जीवित थे।
डॉक्टरों ने परिजनों को मशीन में खराबी होने की बात कहकर उनके जीवित होने की जानकारी दी। जिसके बाद परिजनों ने राहत की सांस ली। फिलहाल बुजुर्ग का इलाज इमरजेंसी वार्ड में जारी है। इस मामले में सीएमएस डॉ.शैलेंद्र कुमार ने बताया कि मशीन की खराबी के चलते गलत रिपोर्ट आई थी। दूसरी मशीन से जांच की गई तो स्थिति स्पष्ट हुई है।