फोटो-6- मानिकपुर के प्राथमिक विद्यालय नेरूआ के बरामदे में पढ़ते बच्चे
- फोटो : CHITRAKUTT
मानिकपुर(चित्रकूट)। परिषदीय स्कूलों की शिक्षा सुधार के साथ नैतिक शिक्षा के माध्यम से बच्चों को सीखाने का प्रयास सरकार व जिला प्रशासन कर रहा है। लेकिन पाठा क्षेत्र के कई स्कूलों में आयेदिन ऐसे मामले सामने आते हैं जिससे पूरी प्रणाली पर सवाल उठने लगते हैं। प्राथमिक विद्यालय नेरुआ सोसायटी की जहां सोमवार को स्कूल मे अध्ययनरत बच्चे पानी ढोते हुए दिखाई पड़े। बच्चों से जब पूंछा गया तो बच्चों ने बताया मैडम ने पानी लाने के लिए भेजा है। यहां के छोटे बच्चे सड़क पारकर जानजोखिम में डाल पानी लेने जाते हैं।
शिक्षा गुणवत्ता सुधार के लिए सरकार हर वर्ष लाखों रुपये खर्च कर रही है लेकिन कुछ बेपरवाह शिक्षकों के चलते बिगड़ी शिक्षा व्यवस्था पटरी मे नहीं आ रही है। प्राथमिक विद्यालय नेरुआ सोसायटी के बच्चे मुख्य सड़क के उस पार लगे हैंडपंप से सड़क पार कर जानजोखिम में डाल बच्चे पानी लेने जाते हैं। जब कक्षा 3 के छात्र लक्ष्मी ने बताया की मैडम ने खाना खाने के लिए पानी मंगाया होता। हैंडपंप में पानी भर रही कक्षा 2 की नन्ही छात्राएं दामिनी और नंदनी ने बताया मैडम ने पानी मंगाया है।
हैंडपंप की नहीं हुई मरम्मत
विद्यालय पर लगे इंडिया मार्का के हैंडपंप की वर्षों से मरम्मत न होने से खराब पड़ा है। हैंडपंप जब बन भी जाता है तो काफ ी देर तक चलाने के बाद पानी निकलता है। स्थानीय दबंगों द्वारा विद्यालय की बाउंड्रीवाल तोड़कर बालू का ढेर किया गया है। इस मामले में विद्यालय में मौजूद शिक्षा मित्र प्रीती देवी ने बताया प्रधानाध्यापिका प्रशिक्षण मे हैं। पांचों कक्षाओं के बच्चों की संख्या 15 बच्चे एक ही कक्ष मे बैठाया गया था। बच्चों से अपने पीने के लिए नहीं बल्कि मिड-डे मील में भोजन करने के बाद बच्चे अपने लिए खुद पानी लेने चले गए थे। उन्हें रोेकने का प्रयास किया गया था। कई बच्चे लौट आए थे। स्कूल का हैंडपंप खराब होने से यह समस्या आती है।