फोटो 25 सीकेटीपी-20-25 मई को प्रकाशित खबर।
चित्रकूट। जिले के 200 से अधिक गांवों में हर घर जल योजना के अधूरे कार्य और पेयजल संकट को लेकर प्रकाशित खबर के बाद प्रशासन सक्रिय हो गया। सोमवार को जिलाधिकारी पुलकित गर्ग ने रैपुरा ग्राम समूह पेयजल योजना का स्थलीय निरीक्षण कर जलापूर्ति, कमिश्निंग कार्य और एससीएडीए ऑटोमेशन व्यवस्था को देखा। निरीक्षण के दौरान कई स्थानों पर काम अधूरा मिलने पर अधिकारियों और कार्यदायी संस्था को फटकार लगाई।
अमर उजाला ने 25 मई के अंक में चित्रकूट के 200 गांवों में पेयजल को लेकर काम बाकी शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। इसके बाद जिलाधिकारी ने सरहट, मानिकपुर ग्रामीण, हेला, बगदरी, गोधराई और निही समेत कई गांवों का दौरा कर जमीनी हकीकत देखी। इस दौरान अधिकारियों ने बताया कि मानिकपुर ग्रामीण ओवरहेड टैंक और क्लियर वाटर रिजर्वायर माध्यम से कई गांवों में जलापूर्ति की जा रही है। जबकि मानिकपुर ग्रामीण, हेला, उमरी और खिचरी गांवों में अधिकांश गृह संयोजन चालू मिले, जबकि झरी, गोबरहाई और निही गांवों में नियमित जलापूर्ति अब भी शुरू नहीं हो सकी है।
जिलाधिकारी ने एससीएडीए ऑटोमेशन प्रणाली में खामियां मिलने पर कार्यदायी संस्था जीवीपीआर के डिप्टी प्रोजेक्ट मैनेजर एस मौर्य को फटकार लगाई और एक सप्ताह के भीतर सभी तकनीकी व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश दिए। गोधराई और निही गांवों में कमिश्निंग कार्य की धीमी प्रगति पर नाराजगी जताते हुए जल्द जलापूर्ति शुरू कराने को कहा। वहीं एफटीके महिलाओं को पानी जांच किट भी वितरित की। जिलाधिकारी ने अपने सामने क्लोरीन टेस्ट कराया, जो मानक के अनुरूप मिला।
फोटो 25 सीकेटीपी-20-25 मई को प्रकाशित खबर।