बैंक के मुंबई हेड आफिस का अधिकारी बताकर एटीएम कार्ड का पिन नंबर पूछकर
तरौंहा के एक व्यक्ति के खाते से 39 हजार रुपये निकाल ली गई। पीड़ित को रात
में ही गलती का अहसास हुआ तो उसने चालीस हजार रुपये खाते से निकाले लेकिन
सुबह होते-होते बड़ी रकम की ठगी हो चुकी थी।
तरौंहा के जगदेव दास
अखाड़े के पास रहने वाले प्रेमनारायण पुत्र मन्नीलाल ने बताया कि सोनेपुर
स्थित एसबीआई बैंक में उसका एकाउंट है। उसके खाते में लगभग 83 हजार रुपये
थे।
बुधवार रात लगभग आठ बजे उसके मोबाइल पर फोन आया। फोन करने वाले
ने कहा कि तुरंत अपने एटीएम कार्ड का पिन नंबर बताओ, अन्यथा तुम्हारा
एटीएम कार्ड निरस्त कर रकम लैप्स कर दी जाएगी। फोन करने वाले ने खुद को
एसबीआई के मुंबई हेड आफिस का अधिकारी बताया।
इस पर हड़बड़ाहट में
उसने अपना एटीएम पिन नंबर बता दिया। नंबर बता देने के बाद जब उसे गलती का
अहसास हुआ तो वह तुरंत एटीएम पहुंचा और चार किस्तों में चालीस हजार रुपये
निकाल लिए। फिर सोचा रात बारह बजे के बाद शेष रकम निकाल लेगा लेकिन शहर की
बिजली गुल थी।
बारिश की वजह से वह सुबह तक एटीएम नहीं जा सका। सुबह
उसने जब एटीएम खंगाला तो उसमें महज छह हजार रुपये बचे थे। इस पर उसने पांच
हजार रुपये और निकाले। टप्पेबाज ने इसके बाद बचा पैसा भी नहीं छोड़ा और
लगभग साढ़े 12 सौ रुपये चार किस्तों में निकाल लिए।
अब उसके खाते
में महज पांच सौ रुपये हैं। उसने फ्राड की पूरी जानकारी एसबीआई की सोनेपुर
शाखा को देकर कोतवाली में तहरीर दी। पीड़ित को कोतवाली ले गए बुंदेली सेना
के जिलाध्यक्ष अजीत सिंह ने एसपी से मांग की कि गरीब पीड़ित को न्याय
दिलाया जाए।