चित्रकूट। नाबालिग को बरगलाकर ले जाने व दुष्कर्म के मामले में विशेष न्यायाधीश ने दोषी को 10 वर्ष कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 10 हजार रुपये के अर्थदंड से भी दंडित किया है।
विशेष लोक अभियोजक तेज प्रताप सिंह ने बताया कि 8 जून 2018 को एक महिला ने रैपुरा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता के अनुसार रामनगर निवासी कुलदीप उसकी नाबालिग बेटी को बहला फुसलाकर भगा ले गया था। पुलिस ने मामले की रिपोर्ट दर्ज करने के बाद आरोपी को गिरफ्तार किया और बालिका का चिकित्सीय परीक्षण कराने के बाद बयान दर्ज कराए थे। जिसमें नाबालिग द्वारा दुराचार की बात कही गयी थी। जिसके आधार पर पुलिस ने न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया था।
बचाव और अभियोजन पक्ष के अधिवक्ताओं की दलीले सुनने के बाद विशेष न्यायाधीश विनीत नारायण पांडेय ने इस मामले में निर्णय सुनाया। जिसमें दोषी कुलदीप को 10 वर्ष कठोर कारावास की सजा सुनाई गई।