चित्रकूट। जमीन के विवाद की रंजिश में पूर्व प्रधान की हत्या के मामले में जिला जज ने पिता-पुत्र समेत पांच लोगों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही प्रत्येक को 15 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।
बुधवार को जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी श्याम सुंदर मिश्रा ने बताया कि 11 नवंबर 2017 को मानिकपुर थाने में गढ़चपा निवासी राजधर विश्वकर्मा ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसके पिता बब्बू विश्वकर्मा 11 नवंबर की शाम को भैंस लेकर घर से डेरा की ओर जा रहे थे। रास्ते में अशोक की पंचर की दुकान में कुछ लोग बैठे थे। उसके पिता बब्बू के वहां पहुंचने पर पहले से घात लगाए बैठे छेरिहाई गढ़चपा निवासी अशोक शुक्ला उर्फ नोहर, उसका पुत्र संदीप, गढ़चपा निवासी कल्लू विश्वकर्मा, उसका पुत्र शुभम उर्फ भगवानदास व तीरथ प्रसाद गौतम ने लाठी, झूमर, हथौड़ा व सब्बल से हमला कर दिया। जानलेवा हमले से उसके पिता मौके पर ही गिर गए। घायल पिता को लेकर जिला अस्पताल सोनेपुर पहुंचे। जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
राजधर के अनुसार उसके पिता पूर्व प्रधान बब्बू विश्वकर्मा का जमीन का मुकदमा न्यायालय में हमलावरों के साथ चल रहा था। जिसकी पैरवी वह करते थे। इसके चलते उन पर यह हमला किया गया था। पुलिस ने मामले की रिपोर्ट दर्ज करने के बाद हमलावरों को गिरफ्तार किया था। साथ ही न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया था। बचाव व अभियोजन पक्ष के अधिवक्ताओं की दलीलें सुनने के बाद सत्र न्यायाधीश विकास कुमार प्रथम ने सभी दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।