चित्रकूट। करीब 50 बच्चों के यौन शोषण के आरोपी सिंचाई विभाग के निलंबित जेई रामभवन के पास दौलत की कोई कमी नहीं थी। वर्ष 2018 में आरोपी जेई ने दो अन्य दो अन्य इंजीनियरों के साथ 21 बीघा जमीन खरीदने की योजना बनाई थी और करीब 10 करोड़ रुपये की बोली भी लगाई थी, लेकिन जमीन के मालिक द्वारा 14 करोड़ रुपये मांगने पर सौदा नहीं हुआ था। इस संबंध में भी सीबीआई ने आसपास के लोगों से पूछताछ की है।
यौन शोषण का आरोपी जेई रामभवन भले ही नौकरी के दौरान किराये के मकान में रहता रहा हो, लेकिन मोटी कमाई के लिए उसने कई अन्य स्थानों पर भी रुपयों के निवेश का प्लान बनाता रहता था।
जेई वर्तमान में शोभा सिंह का पुरवा स्थित एसडीएम कालोनी में जिस घर में रहता था, वहां से डेढ़ सौ मीटर दूर एक परिवार की 21 बीघा जमीन को एकमुश्त खरीदने का प्लान बनाया था। लोगों के मुताबिक, 2018 में जमीन के सौदे को अंतिम रूप देने की योजना बनाई गई थी। बताया कि जमीन के मालिक के तीन भाई हैं। तीनों अलग अलग हिस्सा बेचने को तैयार नहीं थे।
जेई भी एक साथ इतनी जमीन नहीं खरीद रहा था। इसके लिए उसने अपने साथ दो अन्य इंजीनियरों को भी शामिल कर जमीन खरीदने की योजना बनाई थी। जमीन के लिए पहले 18 करोड़ रुपये की मांग की गई थी, लेकिन जेई ने कीमत आठ करोड़ रुपये लगाई थी।
एक साल तक चली सौदेबाजी के दौरान 2019 में भूस्वामी ने 14 करोड़ जमीन की कीमत लगाई, लेकिन जेई 10 करोड़ ही देने को तैयार था। इस बाबत भूस्वामी ने इस बात की पुष्टि की कि जेई व उसके साथी जमीन की प्लाटिंग कर बेचने के अलावा तीनों अपना-अपना घर भी बनवाने की योजना बना रहे थे। अब सीबीआई ने आरोपी जेई समेत अन्य दोनों को भी अपने रडार पर लिया है।