मुख्यालय में सजी देवी प्रतिमा और सजा पंडाल।
- फोटो : amarujala
शारदीय नवरात्र के अंतिम दिन नवमी को मंदिर, पंडालों व घरों में देवी पूजन की धूम रही। दर्शन के लिए भक्तों की भीड़ मंदिर में जुटी। उधर, मंदिरों में तड़के ही श्रद्धालुओं श्रद्धा के साथ पूजा अर्चना की। शाम को भक्तों ने सांग लगाकर ज्वारे निकाले।
सोमवार को पंडाल सजाने के लिए देवी भक्तों ने पूरी ताकत लगा दी। शंकर बाजार से लेकर पुरानी बाजार और सदर रोड़ स्थित देवी पंडालों में आयोजकों ने फूल, पत्ती, पहाड़ और रंग-बिरंगी झांकियां सजाईं। शहर के प्राचीन देवी मंदिरों में नौ दिन व्रत करने वाली महिलाओें ने विधि विधान से पूजा पाठ किया।
शंकर बाजार, पुरानी बाजार के प्राचीन मंदिरों में अधिक भीड़ रही। जगह-जगह भंडारे हुए। घरों में कन्या भोज हआ। देवी पंडाल में मां के नवम स्वरूप सिद्धिदात्री के दर्शन करने के लिए गांव-गांव से भीड़ उमड़ पड़ी। सुबह और शाम को देवी भक्तों ने हलुआ पूड़ी का प्रसाद बांटा।
सांगों का प्रदर्शन किया
देवी मंदिरों से ज्वारा निकालकर सांगों का प्रदर्शन किया गया। मंदिर परिसर देवी के जयकारों से गूंजता रहा। नदियों. तालाबों में ज्वारों का विसर्जन करने के लिए भीड़ उमड़ी। भक्तों ने प्राचीन मंदिरों में सांग छिदवाया। ढोल और ताशों पर जमकर करतब दिखाए।
डांडिया में नटखट टीम प्रथम
नवरात्र पर जानकीकुंड चिकित्सालय में डांडिया प्रतियोगिता हुई। चिकित्सालय के निदेशक डा. बीके जैन ने बताया कि डांडिया में नटखट टीम प्रथम, बालगोपाल द्वितीय व ज्योति टीम तीसरे स्थान पर रही। इस मौके पर ऊषा जैन, रिषिता बोरा, प्राची चतुर्वेदी, वंदना पाठक आदि मौजूद रहीं।