चित्रकूट। कवि डॉ. रामलाल द्विवेदी प्राणेश के भरतपुरी स्थित आवास पर चल रही कृष्ण कथा में गुरुवार को कई प्रसंग सुनाए। कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने यमुना के जल को अपने जहर से दूषित कर रहे कालिया नाग का मर्दन कर यह संदेश दिया कि सर्व उपयोगी जल को प्रदूषण के जहर से बचाना चाहिए।
श्रीकृष्ण ने कलयुग को देखते हुए स्वयं गायों के साथ नंगे पैर ब्रजमंडल में गोचारण किया था, जिससे आने वाले कलयुग के लोग सीख ले सकें कि गाय हमारे लिए अमृत समान है। इसलिए गाय का संरक्षण करना चाहिए। भगवान ने माखन चोरी लीला कर संदेश दिया कि खाने पीने की चीज बेचा न जाए। खूब खाया जाए। दूध, दही, मक्खन खूब खाकर स्वास्थ्य सही रखा जाए। सर्वेश द्विवेदी, डॉ. दीपक द्विवेदी, आचार्य गंगा सागर, पंडित संदीप भार्गव, जगदीश गौतम, श्याम दत्त त्रिपाठी, डॉ. आरपी पांडेय, रंगनाथ शुक्ला, डॉ. रामेश्वर सोनी, एमपी सिंह, रमेश मिश्रा व अविनाश त्रिपाठी आदि लोगों ने कथा श्रवण का आनंद लिया।