चित्रकूट। स्कूलों में पढ़ाने की बजाए छात्रों से स्कूल की रसोई के लिए गैस सिलिंडर ढुलाई कराई जा रही है। इसी बीच किसी ने एक छात्र का साइकिल से सिलिंडर ढोते वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, इस वायरल वीडियो की संवाद न्यूज एजेंसी पुष्टि नहीं करती है। उधर, वायरल वीडियो का संज्ञान लेकर विभाग ने मामले की जांच कराकर रिपोर्ट डीएम को भेजी है। रिपोर्ट में प्रधानाध्यापक को दोषी पाए गए हैं।
मानिकपुर विकासखंड के उच्च प्राथमिक विद्यालय गुरौला से मामला सामने आया है। स्कूल के समय में कुछ बच्चे साइकिल से स्कूल जाते दिखते हैं। एक छात्र की साइकिल के कैरियर पर गैस सिलिंडर रखे है। बातचीत में उसने बताया कि शिक्षकों ने ही उन्हें गांव के बाहर से सिलिंडर लाने के लिए कहा है। इसी सिलिंडर के आने के बाद मध्याहन भोजन बना।
गांव के ही चंद्र भवन व संतोष कुमार ने आरोप लगाया कि स्कूल प्रशासन की लापरवाही है। यह सब जानबूझकर बच्चों से काम कराते हैं। वायरल वीडियो से स्थानीय लोगों में आक्रोश भी दिखा। इस मामले में बीएसए बीके शर्मा ने प्रधानाध्यापक को दोषी मानते हुए उसकी एक वेतनवृद्धि रोक दी है।
पूरे मामले में खंड शिक्षाधिकारी मिथलेश कुमार ने बताया कि वायरल वीडियो को संज्ञान में लेकर बीएसए की ओर से जांच कराई गई। जांच टीम ने स्कूल व गांव जाकर जानकारी एकत्र की। खंड शिक्षाधिकारी ने बताया कि जांच रिपोर्ट के आधार पर प्रधानाचार्य राजेंद्र प्रसाद पटेल की मौजूदगी में गलत काम हुआ है। उन्हें दोषी मानकर उनका वेतन वृद्धि रोककर चेतावनी दी गई है।