मंत्री ने कहा कि आपसी सामंजस्य के अभाव में योजनाओं के क्रियान्वयन में व्यावहारिक कठिनाइयां आती हैं। इनसे निजात पाने के लिए ऐसे आयोजनों में योजनाएं बनाना आवश्यक है।
दीनदयाल शोध संस्थान के तत्वावधान में चित्रकूट में चल रहे तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का समापन इस्पात एवं ग्रामीण विकास राज्य मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते ने किया। उन्होंने कहा कि विकास कार्य केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा कार्य किए जाते हैं। आपसी सामंजस्य के अभाव में योजनाओं के क्रियान्वयन में व्यावहारिक कठिनाइयां आती हैं। विकास कार्यों में अनेक अवरोधक खड़े हो जाते हैं। इनसे निजात पाने के लिए ऐसे आयोजनों में योजनाएं बनाना आवश्यक है।
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रविवार को उन्होंने केंद्र सरकार की एक जिला एक उत्पाद, महिला सशक्तिकरण, स्वयं सहायता समूह, जनधन योजना, मनरेगा, बैंकिंग, जलवायु संतुलन, आईटी एजुकेशन, एग्रीकल्चर आदि योजनाओं के लाभों को बताते हुए सतत विकास लक्ष्यों के अनुरूप बताया।