बीज गोदाम के बाहर अरहर के बीज के लिए भटकते किसान।
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लगता है कि इस साल फिर अरहर की दाल आम आदमी की थाली से दूर रहेगी। सरकार ने बीज गोदामों में अरहर व ज्वार के बीज उपलब्ध नहीं कराए हैं। अच्छे मानसून की शुरुआत से खुश किसान खेतों की जुताई कर बीज लेने पहुंचे, तो सबको बैरंग लौटना पड़ा। समय से बुआई के लिए दाल के बीज नहीं मिले, तो उत्पादन पर इसका असर पड़ेगा। उत्पादन कम हुआ तो मंहगी दाल खरीदने के लिए आम आदमी को दस बार सोचना पडे़गा।
मुख्यालय स्थित विकास भवन के बीज भंडार में बीज पाने के लिए किसान लाइन लगाए खड़ा रहता है। इस साल अच्छे मानसून को देखते हुए अरहर के बीज की मांग बढ़ गई है। एक सप्ताह करीब एक सैकड़ा किसान अरहर व ज्वार के बीज न मिलने पर बैरंग लौट चुके हैं।
मुख्यालय के किसान कौशलेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि लगता है सरकार नहीं चाहती कि दाल के दाम कम हों। इसीलिए अभी तक गोदामों में अरहर के बीज नहीं भेजे गए। जहां जुताई हो गई है, उन किसानों को बीज के लिए भटकना पड़ रहा है। विभागीय अधिकारियों से शिकायत करने के बावजूद बीज नहीं मिला। किसान विजय सिंह ने कहा कि अरहर व ज्वार के बीज के लिए एक सप्ताह से भटक रहे हैं।
लिखा गया पत्र
जिला कृषि अधिकारी तुलसी राम ने बताया कि प्रदेश स्तर से अरहर व ज्वार का बीज नहीं आया है। इसके लिए दो बार टेंडर भी हो चुके हैं। बीज न आने से किसान परेशान हैं। बीज मंगाने के लिए डीएम स्तर से भी शासन को पत्र लिखा जा चुका है।