उत्तर मध्य रेलवे के डीआरएम ने स्टेशन पर पेयजल संकट की शिकायत पर सख्त रुख अपनाया। मानिकपुर व कर्वी में लगे वाटर कूलर गर्मियों में शोपीस न बने इसकी अभी से तैयारी शुरू करने के निर्देश दिए। रेलवे अस्पताल व कालोनी में गंदगी पाए जाने पर अधिकारियों को फटकार लगाई। स्वच्छता अभियान के तहत सभी स्थानों पर सफाई पर विशेष जोर देने के आदेश दिया।
भारत सरकार की ओर से चलाए जा रहे सफाई अभियान के तहत गुरुवार को उत्तर मध्य रेलवे के मंडल रेल प्रबंधक एसके अग्रवाल ने मानिकपुर रेलवे स्टेशन के रनिंग रूम, रेलवे अस्पताल, रेलवे कालोनी, स्टेशन परिसर, प्याऊ, पानी की टंकी और निर्माणाधीन कार्यों का निरीक्षण किया। पानी का फिल्टर प्लांट निर्माण का कार्य सुस्त होने पर कार्यदायी संस्था को फटकार लगाई। इसके साथ ही साथ गर्मी शुरू होने से पहले फिल्टर प्लांट चालू करने के निर्देश दिए।
रेलवे अस्पताल व कालोनी का निरीक्षण करते समय गंदगी देखकर उन्होंने कहा कि तीन दिन के अंदर अभियान चलाकर सफाई कराई जाए। अगले भ्रमण में गंदगी मिली तो कार्रवाई होगी। इस दौरान मानिकपुर के समाजसेवी विनय कुमार गुप्ता ने डीआरएम को दस सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। जिसमें मानिकपुर से इलाहाबाद व जबलपुर तक इंटर सिटी चलाने व बाइपास बांसा पहाड़ से गुजरने वाली ट्रेनों का मानिकपुर जंक्शन पर स्टापेज कराने की मांग की।
निरीक्षण कार्य लगभग तीन घंटे चला। इस दौरान एसएम मानिकपुर, आरपीएफ इंस्पेक्टर आदि मौजूद रहे। इसके बाद शाम को डीआरएम ने चित्रकूटधाम कर्वी रेलवे स्टेशन का निरीक्षण किया। उन्होंने यात्रियों को अधिक सुविधाएं उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। निरीक्षण के बाद डीआरएम पत्नी के साथ भगवान कामतानाथ के दर्शन किए और झांसी के लिए रवाना हो गए।