चित्रकूट। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष के बैनर तले कर्मचारी पांच अक्तूबर से प्रदेश स्तर पर पूर्ण रूप से कार्य बहिष्कार करेंगे। इं. आशीष सिंह ने कहा कि अगर सरकार ने अपना रवैया नहीं बदला तो वह बड़े स्तर पर आंदोलन करने को बाध्य होंगे।
इं. अनुपम कुमार ने कहा कि विद्युत विभाग के निजीकरण से लोगों को महंगे दामों में बिजली मिलेगी। संघ के उमतलाल ने कहा कि पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के प्रस्तावित निजीकरण से कर्मचारी बेरोजगार हो जाएंगे।
इं. शिव प्रसाद अवस्थी ने कहा कि निजीकरण से सरकार पूंजीपतियों को लाभ दिलाना चाहती है। इं राम प्रताप सिंह ने कहा कि सरकार दमनकारी नीति अपनाते हुए गिरफ्तारी, शोषण व उत्पीड़न करती है तो कर्मचारी जेल भरो आंदोलन करेंगे।
इस दौरान अधीक्षण अभियंता पीके मित्तल, अधिशाषी अभियंता अनिल दुबे, महेंद्र कुरील, अनिल सिंह, हमेंद्र जाटव, रामचरण, शैलेंद्र, विजय सिंह, रंजीत, विनय, विनोद कुमार, एसपी राही, राजेंद्र गुप्ता, वकीलराम, गुड्डू, लक्ष्मीपाल, संतोष कुमार, हनीफ सौदागर, आशीष पांडेय, शिवसागर, सोनम त्रिपाठी, दीनदयाल व शिवसागर मौजूद रहे।