भारत सरकार के कृषि राज्यमंत्री डा. संजीव कुमार बालियान ने प्रदेश में किसानों के हालात बदतर होने और आत्महत्या करने पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार इसे मानने को तैयार नहीं है। केंद्र सिर्फ पैसा भेज सकता है, इसका सदुपयोग तो प्रदेश सरकार को ही करना है। केंद्र सरकार किसानों के लिए पर्याप्त पैकेज देगी।
कृषि राज्यमंत्री बालियान ने शनिवार को जिले में ओलावृष्टि और अतिवृष्टि से प्रभावित गांवों का दौरा किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों के हितों के प्रति उदासीन है।
कर्मचारी और अधिकारी घर बैठे किसानों की क्षति का आकलन कर रहे हैं। पिछले मुआवजे का पैसा केंद्र से भेजा गया, जो अभी तक किसानों को नहीं मिला, ऐसे में इस बार के नुकसान की क्षतिपूर्ति के लिए राज्य सरकार से क्या उम्मीद की जाए। केंद्र के प्रतिनिधि के तौर पर वह यहां जमीनी हकीकत देखने आए हैं, जो बहुत ही भयावह है। केंद्र सरकार किसानों का दु:ख समझती है।
केंद्र की टीमें नुकसान का आकलन कर रही हैं और इसी आधार पर केंद्र से सहायता भी भेजी जाएगी। उन्होंने कहा कि जल्द ही फसल बीमा करने वाली कंपनियों की दिल्ली में मीटिंग बुलाई जाएगी। मुआवजा सभी को मिलना चाहिए, इसमें प्रतिशत की बात नहीं आनी चाहिए। पता तो यह चला है कि केंद्र से पिछले साल 777 करोड़ सूखे और 250 करोड़ ओलावृष्टि से हुए नुकसान के लिए एनडीआरएफ के तहत भेजा गया है, पर अभी तक यह पैसा जिलों में नहीं पहुंचा। एक सप्ताह में राज्य सरकार से बात कर इसे जिलों में भिजवाया जाएगा।
उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार के मंत्री राजस्थान, महाराष्ट्र और उप्र का दौरा कर रहे हैं और इनकी रिपोर्ट के आधार पर मुआवजा केंद्र सरकार देगी। राज्यमंत्री के साथ डीडीजी कृषि जेएस संधू, जनरल सेक्रेट्री आशीष बुटानी, प्रदेश सरकार के कृषि विभाग के प्रतिनिधि कृषि निदेशक एके विश्नोई मौजूद रहे। इस दौरान मंत्री ने जिले के लगभग छह गांवों का दौरा किया और किसानों से बातचीत कर उनको ढांढस बंधाया। उनके साथ सांसद भैरो प्रसाद मिश्र आदि मौजूद रहे।