कूड़े के ढेर में आग लगाना 60 घरों के लिए जान-ए-बवाल बन गया। इससे निकली चिंगारी ने लपटों का रूप लेकर कुसैली गांव की दलित बस्ती के 60 घरों को चपेट में ले लिया। आग की लपटें देखकर घरों में मौजूद लोग जान बचाने के लिए बाहर दौड़े। देखते ही देखते उनके घर और साजो-सामान जल गए। लगभग डेढ़ घंटे बाद पहुंची फायर ब्रिगेड की टीम ने आग पर काबू पाया। अग्निकांड में करीब 50 लाख की संपत्ति राख हो गई।
कुसैली गांव की दलित बस्ती की गली में मंगलवार की शाम लगभग पौने तीन बजे कूड़े के ढेर में किसी ने आग लगा दी। हवा चलने के कारण ढेर से निकली चिंगारी पास के चंदा पुत्र गिल्लीवा की झोपड़ी तक पहुंची और देखते ही देखते आग का रूप धारण कर लिया। चंदा के परिजन चिल्लाते हुए बाहर दौड़े और आसपास के लोगोें की मदद से आग पर नियंत्रण का प्रयास किया लेकिन आग की लपटें बढ़ती गईं। आग बुझाने के लिए सभी ग्रामीणों ने दौड़-दौड़कर हैंडपंपों से पानी लाना शुरू किया। ग्रामीणों ने फायर बिग्रेड को भी सूचना दी लेकिन लगभग डेढ़ घंटे बाद ही टीम पहुंची।
पूरे गांव मेें आग की लपटें व धुंआ ही दिख रहा था। फायर बिग्रेड की चार गाड़ियों के कर्मचारियों ने ग्रामीणों की मदद से लगभग दो घंटे के प्रयास के बाद आग पर काबू पाया। तब तब पूरी बस्ती के 60 घरों की लगभग 50 लाख की संपत्ति राख हो चुकी थी। मौके पर एसडीएम दुर्गेश पांडेय, तहसीलदार राजू कुमार, सीओ महेंद्र मिश्रा, थानाध्यक्ष हवलदार सिंह व नायब तहसीलदार बेनी प्रसाद ने गांव का मुआयना किया।