चित्रकूट। भगवान श्रीराम की तपोभूमि स्थित रामनगर की झील में जल्द बोटिंग का भी आनंद पर्यटक ले सकेंगे। उत्तर प्रदेश ईको पर्यटन विकास बोर्ड से मिले 3.56 करोड़ के बजट से इसका सुंदरीकरण कराया जा रहा है। इससे पर्यटन को तो बढ़ावा मिलेगा साथ ही स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
दरअसल, रामनगर झील को संवारने के लिए उत्तर प्रदेश ईको पर्यटन विकास बोर्ड ने विकास परियोजना बनाई थी। मंजूरी मिलने के बाद झील पर पाथवे, पार्क और बच्चों के खेलने के उपकरण लगाए गए हैं। बैठने की व्यवस्था, शेड, पक्का घाट और रैंप बनाए जा रहे हैं।
प्रवेश द्वार, सोलर लाइटें, झील के चारों ओर जालीदार बाउंड्री और पौधरोपण भी किया जाएगा। पर्यटन विभाग का दावा है कि करीब 85 फीसदी काम पूरा हो चुका है। शेष काम 30 अप्रैल तक पूरा हो जाएगा। सुंदरीकरण के बाद बोर्ड इसका संचालन पीपीपी मॉडल पर कराने की तैयारी में है। इसके संचालन के लिए बोर्ड ने इच्छुक संस्थाओं से आवेदन मांगे हैं।
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ईको पर्यटन रामनगर झील में विकास कार्यों की जानी हकीकत
जिलाधिकारी पुलकित गर्ग ने रामनगर झील का मुआयना किया और वहां पर निर्माणाधीन विकास परियोजनाओं की हकीकत जानी। इस दौरान अफसरों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए। मुआयने में उनके साथ पर्यटन के संयुक्त निदेशक आरके रावत व यूपी एसटीडीसी के सहायक परियोजना प्रबंधक अनिल कुमार सिंह और आर्किटेक्ट सूरज भी मौजूद रहे।