संवाद न्यूज एजेंसी
चित्रकूट। कोषागार में हुए पेंशन घोटाला की जांच को एसआईटी ने फिर रफ्तार दी। कोषागार दफ्तर में सरकारी दस्तावेजों को खंगालने के बाद सोमवार को एसआईटी की टीम इस घोटाले में सलाखों के पीछे गए कई पेंशनर व बिचौलियों के घर गई और वहां पर दस्तावेजों से जांच की।
कागजात के मिलान में परिजन कई बार उनका सही तरीके से जवाब दे नहीं पाए। संपत्ति का ब्योरा भी नहीं दिया। ऐसे में एसआईटी ने परिजनों को जांच में सहयोग करने की हिदायत दी। साथ ही चेताया कि जांच में असहयोग करने पर आगे परेशानी बढ़ सकती है।
43.13 करोड़ के कोषागार विभाग में पेंशन घोटाले की एसआईटी की जांच जारी है। रविवार को कोषागार कार्यालय में एसआईटी ने जांच में पाया था कि कई नामजद एटीओ व एकांउटेंट ने अन्य अधिकारी व कर्मचारी के डिजिटल हस्ताक्षर का उनकी अनुपस्थिति या फिर उनकी मर्जी से ही अवैध रकम भेजने मेें प्रयोग किया है। इसकी जानकारी भी संबधित को रही, लेकिन किसी ने भी शायद रुपये के लालच में इसका विरोध नहीं किया।
एसआईटी जांच प्रभारी सीओ अरविंद वर्मा व जांच अधिकारी अजीत पांडेय के नेतृत्व में छह सदस्यीय टीम जेल में बंद पेंशनर व बिचौलियों के घर पहुंची। शाम को लौटी टीम के अनुसार जिन दस की संपत्ति की कुछ जानकारी हुई है, उनमें से छह पेंशनर व दो बिचौलियों के घर जाकर उनकी संपत्ति का ब्यौरा मांगा गया। उनके परिजनों ने जांच में सहयोग नहीं किया।